केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को कहा कि किसानों की आमदनी बढ़ाने, रोजगार सृजित करने और विदेशी मुद्रा कमाने के लिए भारत को फल और सब्जियों का निर्यात बढ़ाना होगा। चौहान ने लखनऊ में दो दिवसीय ‘फ्रूट होराइजन 2026’ कार्यक्रम के दौरान कहा कि इस कार्यक्रम का आयोजन फलों का उत्पादन बढ़ाने, गुणवत्ता सुधारने और प्रसंस्करण के मूलभूत ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया है।
“निर्यात अभी भी काफी कम”
चौहान ने कहा, ‘‘लखनऊ में दो दिवसीय ‘फ्रूट होराइजन 2026’ कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य फलों का उत्पादन बढ़ाना, गुणवत्ता सुधारना और खाद्य प्रसंस्करण की गतिविधियों को मजबूत करना है।’’ मंत्री ने कहा कि भारत कई तरह के फलों, खासकर आम का एक प्रमुख उत्पादक है
उन्होंने कहा, ‘‘हम जिस मात्रा और गुणवत्ता के आम पैदा करते हैं उसकी दुनिया में कोई बराबरी नहीं है। चाहे आम हों, अंगूर हों, केले हों या लीची, हम इनके प्रमुख उत्पादकों में शामिल हैं। हालांकि हमारा निर्यात अब भी काफी कम है।’’
ऐसे बढ़ेगी किसानों की आय
केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार चाहती है कि भारतीय फल और सब्जियां बड़े अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचें। उन्होंने कहा, “अगर हमारे फलों और सब्जियों का निर्यात बढ़ता है तो किसानों की आय बढ़ेगी, विदेशी मुद्रा की कमाई बढ़ेगी और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। इसी सोच को ध्यान में रखते हुए इस दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।”
“समाधान खोजने की दिशा में काम जारी”
चौहान ने कहा कि सरकार किसानों, निर्यातकों, प्रसंस्करणकर्ताओं और आईसीएआर (भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद) जैसी संस्थाओं को एक साझा मंच पर साथ लायी है, ताकि इस क्षेत्र के सामने आने वाली चुनौतियों पर चर्चा की जा सके।
चौहान ने कहा कि सरकार किसानों और निर्यातकों के सामने आने वाली समस्याओं का समाधान खोजने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जहां कुछ मुद्दों को तुरंत हल किया जा सकता है, वहीं कुछ मुद्दों के लिए लंबे समय तक शोध की जरूरत होगी।
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