सागर के युवाओं ने पेश की मिसाल: घायल चिड़िया से शुरू हुआ सफर, अब बेजुबानों के लिए बने फरिश्ते

बुंदेलखंड के सागर जिले में इन दिनों युवाओं की एक प्रेरणादायक पहल चर्चा में है। यहां कुछ युवाओं ने यह साबित कर दिया है कि यदि इरादे नेक हों, तो सोशल मीडिया केवल मनोरंजन या प्रसिद्धि का माध्यम नहीं, बल्कि समाज सेवा का सशक्त जरिया भी बन सकता है। भीषण गर्मी के बीच ये युवा कहीं नालियां साफ करते नजर आते हैं तो कहीं जंगलों में वन्यजीवों की प्यास बुझाते दिखाई देते हैं।

एक घायल चिड़िया से शुरू हुआ ‘मिशन’
इस मुहिम की शुरुआत एक भावुक घटना से हुई। टीम के सदस्य राम ठाकुर बताते हैं कि पिछले साल गर्मी के दौरान उन्हें एक घायल चिड़िया मिली थी। उन्होंने उसका इलाज कर उसकी जान बचाई और इस पूरी प्रक्रिया का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया। लोगों की सराहना और प्रोत्साहन ने उन्हें इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। आज इस पहल से कई युवा जुड़ चुके हैं और यह एक अभियान का रूप ले चुका है।

जेब से खर्च, पसीने से सेवा
इस पहल की खास बात यह है कि ये युवा किसी सरकारी मदद या दान का इंतजार नहीं करते। रानू रैकवार और इंजीनियर विशाल नामदेव जैसे सदस्य अपनी जेब से पैसे खर्च कर वन्यजीवों के लिए बने जलपात्रों (होज) की मरम्मत कराते हैं। वे खुद मेहनत कर गंदगी साफ करते हैं और टैंकरों के जरिए इन जलस्रोतों को भरवाते हैं, ताकि कोई भी बेजुबान प्यासा न रहे।

हादसों को रोकने की भी पहल
इन युवाओं की सेवा केवल जल संरक्षण तक सीमित नहीं है। सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ये अंधे मोड़ों पर रिफ्लेक्टर और संकेतक बोर्ड भी
लगा रहे हैं, जिससे रात के समय होने वाले सड़क हादसों में कमी आ सके। इसके साथ ही स्कूलों के पास स्थित पुराने और जर्जर जलस्रोतों को पुनर्जीवित करने का जिम्मा भी उन्होंने उठाया है।

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com