ईरान और अमेरिका (Iran-US Ceasefire) के बीच युद्धविराम की घोषणा से पूरी दुनिया ने राहत की सांस ली और इसकी सबसे बड़ी वजह रही होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait Reopen) का ओपन होना, जिसे फिर से खोलने की शर्त के साथ सीजफायर हुआ। तेहरान और वाशिंगटन दोनों होर्मुज के रास्ते माल ढुलाई को सुविधाजनक बनाने पर सहमत हो गए हैं, लेकिन ऐसी खबरें आई हैं कि ईरान जहाजों से टोल शुल्क वसूल रहा है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने एक बयान में कहा कि नए युद्धविराम समझौते के तहत, अगले दो हफ्तों तक ईरान के होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित आवागमन संभव होगा।
कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरानी अधिकारियों ने कहा कि प्रति जहाज से 20 लाख डॉलर का शुल्क लिया जाएगा। एसोसिएटेड प्रेस ने बताया कि ईरान की संसद ने 7 अप्रैल को एक मसौदा विधेयक को मंजूरी दी, जिससे टोल को औपचारिक रूप दिया जाएगा। होर्मुज टोल से प्राप्त राजस्व का उपयोग युद्ध के बाद देश के पुनर्निर्माण के लिए किया जाएगा।
20 लाख डॉलर प्रति जहाज
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी के हवाले से बताया कि ईरान ने बातचीत के दौरान अमेरिका के सामने टोल शुल्क का प्रावधान भी प्रस्तावित किया था। होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए प्रति जहाज 20 लाख डॉलर का शुल्क ले सकता है, लेकिन यह अनुमान पर आधारित है। ईरान द्वारा भारी अग्रिम शुल्क वसूलने की संभावना नहीं है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर ईरान खाड़ी में फंसे 2,000 से 3,000 कमर्शियल जहाजों में से प्रत्येक से केवल 2 मिलियन डॉलर का शुल्क भी लेता है (अनुमान अलग-अलग हैं), तो ईरान 4-6 बिलियन डॉलर जुटा सकता है, जो पनामा और स्वेज जैसी प्रमुख नहरों के हालिया वार्षिक टोल राजस्व के बराबर या उससे अधिक है।
जेपी मॉर्गन की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान प्रतिदिन 100-130 जहाजों से प्रत्येक पर 2 मिलियन डॉलर का शुल्क लेने का प्रस्ताव कर रहा है, जिसे मंजूरी मिलने पर सालाना 70-90 बिलियन डॉलर का राजस्व प्राप्त होगा।
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