हरियाणा सरकार ने किसानों को सस्ती व निर्बाध बिजली उपलब्ध करवाने हेतु तीसरी बिजली कम्पनी एग्री डिस्काम का गठन किया है। इसकी अधिसूचना सोमवार को जारी कर दी गई है। बिजली विभाग की वैसे तो पहले ही 4 कम्पनियां हैं लेकिन उपभोक्ताओं को बिजली की आपूर्ति के लिए राज्य में अभी तक उत्तर हरियाणा एवं दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के नाम से 2 बिजली कम्पनियां संचालित हैं।
अब हरियाणा एग्री डिस्काम के नाम से राज्य में तीसरी बिजली कम्पनी संचालित होगी। फिलहाल राज्य सरकार किसानों को 10 पैसे प्रति यूनिट की दर से सस्ती बिजली उपलब्ध करा रही है। किसानों को सबसिडी के रूप में हर साल करीब 7 हजार करोड़ रुपए प्रदान किए जाते हैं जिसमें कमी लाना तीसरी बिजली कम्पनी के प्रमुख कार्यों का एक बड़ा हिस्सा है। ऊर्जा विभाग द्वारा जारी अधिसूचना अनुसार तीसरा बिजली वितरण निगम बनने से विशेष रूप से कृषि उपभोक्ताओं को बिना किसी बाधा के बिजली सेवाएं मिल सकेंगी। हरियाणा सरकार का मानना है कि कृषि क्षेत्र राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, इसलिए किसानों को सबसिडी वाली, गुणवत्तापूर्ण और अब ग्रीन (सौर) ऊर्जा उपलब्ध करवाना जरूरी हो गया है।
क्या होगा नया बदलाव
नया हरियाणा एग्री डिस्काम पूरे राज्य में कृषि फीडरों और उपभोक्ताओं को संभालेगा।
इससे ट्यूबवैल कनैक्शन जारी करने, ट्रांसफार्मर बदलने और बिजली सप्लाई में तेजी आएगी।
किसानों को निर्बाध और विश्वसनीय बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
राज्य पर सब्सिडी का बोझ भी कम करने का लक्ष्य रहेगा।
हरियाणा एग्री डिस्काम में कितने उपभोक्ता होंगे शामिल
जनवरी 2026 के आंकड़ों अनुसार
उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के 3,54,502 कृषि उपभोक्ता।
दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के 3,62,712 कृषि उपभोक्ता ।
कुल 7,17,214 कृषि उपभोक्ता नए हरियाणा एग्री डिस्काम में स्थानांतरित होंगे।
एग्री डिस्काम की ये होगी जिम्मेदारी
कृषि उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति
नए कनैक्शन जारी करना।
11 के.वी. फीडर, ट्रांसफार्मर व लाइन का संचालन व रख-रखाव।
मीटरिंग, बिलिंग और राजस्व वसूली।
शिकायत निवारण और गुणवत्ता सुनिश्चित करना।
पहले से मौजूद दोनों बिजली कम्पनियां 33/11 के.वी. सब-स्टेशन तक बिजली आपूर्ति और अपस्ट्रीम नैटवर्क संभालेंगे।
संसाधनों का बंटवारा
1159 बिजली खरीद समझौते (पी.पी.ए.) तीनों बिजली वितरण कम्पनियों में बांटे जाएंगे।
सस्ती बिजली पहले कृषि डिस्काम को दी जाएगी
सौर योजनाएं (पी.एम. कुसुम) का काम भी इसी कंपनी को आवंटित होगा।
तीसरी बिजली कम्पनी का ढांचा
करीब 3,100 से 3,600 कर्मचारियों की जरूरत पड़ेगी।
इनमें इंजीनियर, ओ. एंड एम. स्टाफ और प्रशासनिक कर्मी शामिल।
कर्मचारियों को मौजूदा बिजली कम्पनियों से ट्रांसफर किया जाएगा।
प्रोमोशन के अवसर देकर ट्रांसफर को प्रोत्साहित किया जाएगा।
सम्पत्ति और देनदारियों का ट्रांसफर
कृषि श्रेणी से जुड़े 166.82 करोड़ रुपए के बकाया नई तीसरी बिजली कम्पनी में ट्रांसफर होंगे।
करीब 5,427 करोड़ रुपए की कुल देनदारियां भी हस्तांतरित होंगी।
111 के. वी. फीडर, ट्रांसफार्मर और लाइनें भी नए निगम को दी जाएंगी।
सरकार ने लक्ष्य रखा है कि सभी तैयारियां पूरी कर 15 अगस्त 2026 से हरियाणा एग्री डिस्काम काम शुरू कर दे।
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