मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बिलरियागंज के मीरिया रेड़हा में डेयरी प्लांट का लोकार्पण करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों की सोच केवल ”स्वयं और परिवार” तक सीमित थी, जिसके कारण ऋषि-मुनियों और क्रांतिकारियों की इस धरती को विकास से वंचित रखा गया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आजमगढ़ अब पहचान के संकट से बाहर निकलकर विकास की मुख्यधारा से जुड़ चुका है।
उन्होंने अयोध्यासिंह उपाध्याय ”हरिऔध”, वीर कुंवर सिंह, रांगेय राघव और महाराजा सुहेल देव को याद करते हुए कहा कि पूर्व की सरकारों ने कभी आजमगढ़, मऊ व बलिया के विकास के बारे में नहीं सोचा। विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए सीएम ने कहा कि पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे ने आजमगढ़ की कनेक्टिविटी को नया विस्तार दिया है। जो लखनऊ कभी 6 घंटे दूर था, अब वहां ढाई से तीन घंटे में पहुंचा जा सकता है। गोरखपुर की दूरी अब मात्र डेढ़ घंटे की रह गई है।
महाराजा सुहेलदेव जैसे राष्ट्रनायकों को पिछली सरकारों ने वोट बैंक की राजनीति के कारण भुला दिया था, लेकिन वर्तमान सरकार ने उनके नाम पर विश्वविद्यालय बनाकर उन्हें वास्तविक सम्मान दिया।
विकसित भारत का संकल्प
मुख्यमंत्री का मुख्य फोकस महिलाओं की आत्मनिर्भरता पर रहा। उन्होंने डेयरी प्लांट को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए कहा इस परियोजना से 56 हजार महिलाओं को सीधे तौर पर रोजगार मिल रहा है। वर्तमान में यहां प्रतिदिन 1.70 लाख लीटर दूध का कलेक्शन हो रहा है। झांसी, वाराणसी और लखनऊ के बाद अब 200 करोड़ के बजट से बरेली और प्रयागराज में भी डेयरी प्लांट स्थापित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा, जब एक महिला आत्मनिर्भर होती है, तो पूरा परिवार और समाज सशक्त होता है। यही ”विकसित भारत” की परिकल्पना को साकार करने का आधार है। उन्होंने महाराजा सुहेलदेव, वीर कुंवर सिंह और साहित्यकार ”हरिऔध” की विरासत को नमन करते हुए जनता को विश्वास दिलाया कि डबल इंजन की सरकार बिना किसी भेदभाव के विकास कार्यों को गति देती रहेगी।
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