आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली उच्च न्यायालय में खुद को कथित शराब घोटाले से संबंधित मामले से अलग करने की अर्जी दी है। अन्य पूर्व आरोपियों ने भी न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा के समक्ष ऐसी ही अर्जी प्रस्तुत की है। केजरीवाल दिल्ली हाईकोर्ट पहुंच गए हैं। उम्मीद है कि कोर्ट में स्वयं उपस्थित होकर अपनी दलील रखेंगे।
यह मामला केंद्रीय जांच ब्यूरो की उस अपील से संबंधित है। इस अपील में ट्रायल कोर्ट द्वारा केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत अन्य आरोपियों को दी गई राहत को चुनौती दी गई है। इससे पहले, केजरीवाल ने मुख्य न्यायाधीश डी.के. उपाध्याय के समक्ष मामले को किसी अन्य न्यायाधीश को स्थानांतरित करने की मांग की थी।
इस मांग को यह कहते हुए खारिज कर दिया गया था कि मामले से हटने का निर्णय संबंधित न्यायाधीश को ही लेना होता है। ट्रायल कोर्ट ने इस मामले में सभी आरोपियों को बरी करते हुए जांच एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। इसके बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।
पिछले महीने हुई सुनवाई में न्यायमूर्ति शर्मा ने ट्रायल कोर्ट के कुछ निष्कर्षों पर पुनर्विचार की आवश्यकता जताई थी। उन्होंने जांच अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश पर भी रोक लगा दी थी। यह मामला कथित आबकारी नीति घोटाले से जुड़ा है। केजरीवाल और अन्य पर इस मामले में अनियमितताओं का आरोप है।
केंद्रीय जांच ब्यूरो ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी है। केजरीवाल अपनी अर्जी के माध्यम से मामले से खुद को अलग करना चाहते हैं। वे आज सोमवार को व्यक्तिगत रूप से अदालत में अपनी दलीलें पेश करेंगे। यह सुनवाई मामले की आगे की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण होगी।
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