चिट्टा बिकने की शिकायत पर कार्रवाई न करने के मामले में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस चौकी कोटशमीर का पूरा स्टाफ बदलने के आदेश दिए।
इसके बाद डीआईजी कार्यालय ने पंजाब पुलिस के आठ और पंजाब होमगार्ड के तीन कर्मियों समेत कुल 11 कर्मचारियों का बठिंडा से मानसा तबादला कर दिया। इनमें दो महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।
रविवार को रोजगार्डन के समीप आयोजित संवाद कार्यक्रम में गांव गुलाबगढ़ के सरपंच लक्खा सिंह ने मुख्यमंत्री के सामने शिकायत रखी कि इलाके में चिट्टा खुलेआम बिक रहा है लेकिन थाना सदर और चौकी कोटशमीर की पुलिस सुनवाई नहीं कर रही। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सूचना देने वालों की पहचान उजागर होने से लोगों में डर का माहौल है।
शिकायत सुनते ही मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद बठिंडा रेंज के डीआईजी हरजीत सिंह को सख्त निर्देश देते हुए थाने के सभी पुलिस कर्मियों को बदलने को कहा। हालांकि बाद में कार्रवाई चौकी कोटशमीर तक सीमित रही और थाना सदर के पूरे स्टाफ की बजाय केवल चौकी में तैनात कर्मचारियों का तबादला कर दिया गया।
डीएसपी गुरप्रीत सिंह ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि चौकी के सभी 11 कर्मियों को मानसा भेजा गया है। इनमें तीन एएसआई, चार सीनियर कांस्टेबल, दो महिला सीनियर कांस्टेबल, एक कांस्टेबल और तीन होमगार्ड शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार इस मामले में थाना सदर के एसएचओ जसविंद्र सिंह के खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
हर माह तैयार की जाए रिपोर्ट
संवाद कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने लंबित शिकायतों पर भी सख्ती दिखाई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभाग लंबित मामलों की समीक्षा करें और हर माह रिपोर्ट तैयार कर लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने साफ कहा कि जनता की शिकायतों में देरी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
चौकी के सभी 11 कर्मियों को मानसा भेजा गया है। इनमें तीन एएसआई, चार सीनियर कांस्टेबल, एक कांस्टेबल और तीन होमगार्ड शामिल हैं। -गुरप्रीत सिंह, डीएसपी, बठिंडा
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