संकष्टी चतुर्थी का व्रत भगवान श्री गणेश की आरती के बिना पूरा नहीं माना जाता। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, विधि-विधान से पूजा करने के बाद जब हम पूरे मन से आरती करते हैं, तो घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और बप्पा का आशीर्वाद परिवार पर बना रहता है। आज संकष्टी चतुर्थी (Sankashti Chaturthi 2026) मनाई जा रही है। ऐसे में आइए बप्पा की कृपा पाने के लिए उनकी विशेष आरती करते हैं, जो इस प्रकार हैं –
॥श्री गणेश जी की आरती॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी ।
माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी ॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
पान चढ़े फल चढ़े, और चढ़े मेवा ।
लड्डुअन का भोग लगे, संत करें सेवा ॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया ।
बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया ॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
‘सूर’ श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा ।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी ।
कामना को पूर्ण करो, जाऊं बलिहारी ॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
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