- 2026-27 के बजट का आकार 4 लाख 8 हजार करोड़ रुपए है, गत वर्ष की तुलना में बजट का आकार 10.2 फीसदी बढ़ा।
- बजट के कुल खर्च का 65 फीसदी विकास-उन्मुख कार्यों के लिए आवंटित।
- पर्यटन क्षेत्र को और नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए वर्ष 2026 को ‘गुजरात पर्यटन वर्ष’ घोषित कर 6500 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने वित्त मंत्री कनुभाई देसाई द्वारा पेश वर्ष 2026-27 के गुजरात बजट का स्वागत करते हुए इसे विश्वास-आधारित शासन और मानव-केंद्रित आर्थिक ढांचे के विजन को साकार करने वाला बजट बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट राज्य की अविरत विकास यात्रा को बिना नए टैक्स के बोझ के जनकल्याण के साथ आगे बढ़ाने वाला है।
पांच स्तंभों पर आधारित विकास मॉडल
मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट सामाजिक सुरक्षा, मानव संसाधन विकास, ढांचागत सुविधाओं, आर्थिक विकास और ग्रीन ग्रोथ-इन पांच स्तंभों पर आधारित है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र की सुधारवादी नीतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि गुजरात उनके मार्गदर्शन में निरंतर विकास की दिशा में अग्रसर है।
4.08 लाख करोड़ का बजट, 65% राशि विकास कार्यों को
पटेल के अनुसार 2026-27 का बजट आकार 4 लाख 8 हजार करोड़ रुपये है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 10.2 प्रतिशत अधिक है। कुल व्यय का 65 प्रतिशत विकास-उन्मुख कार्यों के लिए रखा गया है, जबकि शिक्षा, खेल, कला और संस्कृति के लिए 64 हजार करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है। स्वास्थ्य और सामाजिक सेवाओं के लिए 19 प्रतिशत तथा कृषि, सिंचाई, जल और शहरी विकास के लिए 11 प्रतिशत आवंटन किया गया है।
पर्यटन, ग्रीन ग्रोथ और एआई पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2026 को ‘गुजरात पर्यटन वर्ष’ घोषित करते हुए पर्यटन क्षेत्र के लिए 6500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। ग्रीन बजट के तहत 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक राशि रखी गई है। एआई और डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देने के लिए 850 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान करते हुए डेटा फ्यूजन सेंटर और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की घोषणा की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों के विकास के लिए 35 हजार करोड़ रुपये से अधिक का आवंटन किया गया है तथा वहां 5 नए औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किए जाएंगे। साथ ही स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर और ‘ओलंपिक रेडी अहमदाबाद’ परियोजना के लिए 1200 करोड़ रुपये से अधिक की राशि रखी गई है।
गुजरात ने बजट 2026 में टूरिज्म का रोडमैप पेश किया
गुजरात सरकार ने 2026 को ‘गुजरात टूरिज्म ईयर’ घोषित किया है और 2026-27 के बजट में राज्य भर में हेरिटेज, तीर्थयात्रा और कोस्टल टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के मकसद से कई अलॉटमेंट की घोषणा की है। बजट पेश करते हुए, वित्त मंत्री कनु देसाई ने खास जगहों, ट्रांसपोर्ट सुविधाओं और नए प्रमोशनल प्रोग्राम के लिए प्रोविजन तय किए, जिसमें राज्य को वेडिंग और डेस्टिनेशन टूरिज्म हब बनाने के लिए ‘वेड इन गुजरात’ कैंपेन शुरू करना भी शामिल है।
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए 236 करोड़ रुपए दिए गए हैं। इस प्रोविजन का मकसद साइट पर विजिटर की सुविधाओं और उससे जुड़ी सुविधाओं को मज़बूत करना है, जो राज्य के खास टूरिज्म अट्रैक्शन में से एक है। सरकार ने लोथल में नेशनल मैरीटाइम हेरिटेज म्यूजियम और 1,000 टूरिस्ट गाइड की ट्रेनिंग और तैनाती के लिए 95 करोड़ रुपए रखे हैं।
इस एलोकेशन का मकसद हेरिटेज जगहों पर इंटरप्रिटेशन सर्विस को बेहतर बनाना और विजिटर के एक्सपीरियंस को बेहतर बनाना है। तीर्थयात्रा इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए, अंबाजी मंदिर में अंबाजी कॉरिडोर मास्टरप्लान के लिए 300 करोड़ रुपए दिए गए हैं। इसके अलावा, बहुचराजी मंदिर, गिरनार और नर्मदा परिक्रमा रूट पर सुविधाओं के लिए 55 करोड़ रुपए अलग रखे गए हैं, जिसमें तीर्थयात्रियों के लिए सुविधाओं और बेहतर पहुंच पर ध्यान दिया गया है। कोस्टल और मंदिर टूरिज्म प्रोजेक्ट्स में सोमनाथ मंदिर और शिवराजपुर बीच पर डेवलपमेंट कामों के लिए 60 करोड़ रुपए, साथ ही विसवाड़ा और पोरबंदर के बीच टूरिज्म डेवलपमेंट शामिल है।
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