अदालत ने निर्देश दिया कि पंजाब के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक समन्वय कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करें। केंद्र और राज्य सरकार को अगली सुनवाई पर सीलबंद लिफाफे में रिपोर्ट पेश करनी होगी।
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया की सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने केंद्र और पंजाब सरकार को उनके जीवन को संभावित खतरे का नए सिरे से आकलन कर विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।
मंगलवार को सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार से पूछा कि जेल से रिहाई के बाद मजीठिया के खतरे के स्तर का पुनर्मूल्यांकन किया गया या नहीं। स्पष्ट जवाब न मिलने पर पीठ ने नाराजगी जताई। सरकार की ओर से बताया गया कि फिलहाल उनकी सुरक्षा में 15 पुलिसकर्मी तैनात हैं। इस पर अदालत ने कहा कि केवल संख्या बताना पर्याप्त नहीं है, बल्कि खतरे की वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।
अदालत ने निर्देश दिया कि पंजाब के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक समन्वय कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करें। केंद्र और राज्य सरकार को अगली सुनवाई पर सीलबंद लिफाफे में रिपोर्ट पेश करनी होगी। तब तक मजीठिया की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक न हो, यह सुनिश्चित करने के आदेश भी दिए गए हैं। मामले की अगली सुनवाई 6 मार्च 2026 को होगी।
Live Halchal Latest News, Updated News, Hindi News Portal