धौलास में विवादित भूमि आवंटन को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। उन्होंने कहा कि तुष्टीकरण और साजिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा तुष्टीकरण की राजनीति को प्राथमिकता दी है।
बार-बार जनसांख्यिकी बदलाव और मुस्लिम यूनिवर्सिटी की बात आना कही न कहीं बड़ी साजिश की ओर इशारा करता है। धौलास में कांग्रेस के शासनकाल में हुआ भूमि आवंटन इसका उदाहरण है।
मुख्यमंत्री धामी ने मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि धौलास के भूमि आवंटन प्रकरण की गहन जांच के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि यदि जांच में कहीं भी यह पाया जाता है कि भूमि का आवंटन नियमों के विरुद्ध किया गया है, तो यह भूमि राज्य सरकार में निहित कर दी जाएगी।
उधर, भाजपा ने भी धौलास विवादित जमीन आवंटन को लेकर कांग्रेस की मंशा पर सवाल उठाए हैं। धर्मपुर क्षेत्र से विधायक एवं भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता विनोद चमोली ने प्रदेश भाजपा मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वर्ष 2004 में जिस मौलाना महमूद मदनी की संस्था को जमीन दी गई, उनका जमीयत उलेमा-ए-हिंद संगठन कट्टरपंथी गतिविधियों के लिए कुख्यात है। ऐसे में प्रश्न उठना लाजिमी है कि कांग्रेस शासनकाल में शीर्ष सैन्य संस्थान आइएमए की सुरक्षा को खतरे में डालकर मदनी को यह जमीन क्यों दी गई।
विधायक चमोली ने कहा कि जो कल तक मुस्लिम यूनिवर्सिटी के वादे को नकार रहे थे, उन्हें जमीन आवंटन को लेकर गंभीर सवालों का जवाब देना होगा। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस ऐसे लोगों की पैरवी करती है, जो हल्द्वानी में बनभूलपूरा के कब्जों पर कार्रवाई में पुलिस पर हमला करने वालों के साथ खड़े रहते हैं।
उन्होंने कांग्रेस से यह भी पूछा कि जब देवभूमि की डेमोग्राफी बचाने की कोशिश होती है, तब कांग्रेस क्यों विरोध में खड़ी हो जाती है। इस क्रम में उन्होंने यूसीसी, मतांतरण कानून, दंगारोधी कानून या धार्मिक अतिक्रमण ध्वस्त करने की कार्रवाई का उल्लेख किया।
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