नीतीश सरकार: कैथी लिपि से हिन्दी में अनुवाद का रेट तय, अब लोगों को नहीं होगी परेशानी

अब पुराने दस्तावेजों को अनुवाद कराने में लोगों को परेशानी खत्म हो जाएगी। लोगों को मनमाना रेट वसूल रहे अनुवादकों का चक्कर भी नहीं लगाना पड़ेगा। सरकार ने प्रशिक्षित अनुवादकों की व्यवस्था कर दी है। रेट भी तय कर दिया है। लाभ पाने के लिए कितनी राशि देनी होगी? कैसे भुगतान करना होगा?

कैथी लिपि में लिखे पुराने भूमि अभिलेख और दस्तावेज अब आम लोगों के लिए परेशानी का कारण नहीं बनेंगे। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने कैथी लिपि के दस्तावेजों के अनुवाद को आसान बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने 29 प्रशिक्षित कैथी लिपि परामर्शदाताओं को सूचीबद्ध कर उनकी सेवाएं राज्य के सभी जिलों में उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि वर्षों से राज्य के नागरिकों को पुराने भूमि दस्तावेजों के अनुवाद में व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। सरकार ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए विशेषज्ञ परामर्शदाताओं की व्यवस्था की है, ताकि अब किसी भी नागरिक को परेशानी न हो। यह पहल न केवल राजस्व मामलों के निष्पादन को सरल और पारदर्शी बनाएगी, बल्कि प्रशासन के प्रति आम लोगों का भरोसा भी मजबूत करेगी।

पुराने दस्तावेजों के अनुवाद में दिक्कत हो रही थी
विभागीय सचिव जय सिंह ने इसके लिए राज्य के सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा और उपमुख्यमंत्री के भूमि सुधार जन कल्याण संवाद के दौरान यह बात सामने आई थी कि जिलों में कैथी लिपि के जानकार विशेषज्ञों की कमी है। इससे लोगों को पुराने दस्तावेजों के अनुवाद में भारी दिक्कत हो रही थी। पत्र में यह भी बताया गया है कि विभागीय दक्षता परीक्षा में सफल 29 परामर्शदाताओं को पांच दिवसीय विशेष आवासीय प्रशिक्षण दिया गया है। इन परामर्शदाताओं की सेवाएं विभागीय कार्यों के साथ-साथ आवश्यकता अनुसार जिलों में भी ली जा सकेंगी। इसके अलावा आम नागरिक भी स्वेच्छा से इनकी सेवाएं प्राप्त कर सकेंगे।

राजस्व से जुड़े मामलों का निपटारा अधिक पारदर्शी हो
अनुवाद शुल्क को लेकर विभाग ने स्पष्ट किया है कि कैथी लिपि से देवनागरी लिपि में अनुवाद के लिए प्रति पृष्ठ 220 रुपये की दर तय की गई है। यह भुगतान सेवा लेने वाले व्यक्ति या संस्थान द्वारा सीधे परामर्शदाता को ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा। नकद भुगतान की अनुमति नहीं होगी। विभाग ने सभी जिलाधिकारियों से अनुरोध किया है कि जरूरत के अनुसार प्रशिक्षित कैथी लिपि परामर्शदाताओं की सेवाएं ली जाएं, ताकि आम जनता को पुराने दस्तावेजों के अनुवाद में राहत मिल सके और राजस्व से जुड़े मामलों का निपटारा अधिक पारदर्शी और सरल हो सके।

परामर्शदाताओं को कैसे काम मिलेगा?
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा सूचीबद्ध 29 प्रशिक्षित कैथी लिपि परामर्शदाताओं को जिलों की जिम्मेवारी सौंपी गई है। जिला प्रशासन, विभागीय कार्यालय या आवश्यकता पड़ने पर आम नागरिक सीधे इन परामर्शदाताओं से अनुवाद कार्य ले सकेंगे।

परामर्शदाताओं को क्या करना होगा?
परामर्शदाता को कैथी लिपि में लिखे दस्तावेजों का सही और प्रमाणिक रूप से देवनागरी लिपि में अनुवाद करना होगा। अनुवाद कार्य विभागीय मामलों के साथ-साथ आम नागरिकों के दस्तावेजों के लिए भी किया जा सकेगा।

आम लोग कैसे भुगतान करेंगे?
अनुवाद के लिए प्रति पृष्ठ 220 रुपये की निर्धारित दर लागू होगी। भुगतान सीधे सेवा लेने वाले संस्थान या आम नागरिक द्वारा ऑनलाइन माध्यम से परामर्शदाता के खाते में किया जाएगा। अनुवाद शुल्क का नकद भुगतान मान्य नहीं होगा। सभी भुगतान डिजिटल माध्यम से ही किए जाएंगे, जिससे प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।

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