दिल्ली की हवा की गुणवत्ता एक बार फिर चिंताजनक स्तर पर पहुंच गई है। एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम फॉर दिल्ली द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार सुबह दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 281 दर्ज किया गया है, जो ‘ खराब’ श्रेणी में आता है। इससे पहले राजधानी में शुक्रवार मौसम में हुए बदलाव के साथ हवा की दिशा बदलने और गति तेज होने के चलते लोगों को प्रदूषित फिजा से राहत मिली थी। हवा मध्यम श्रेणी में पहुंच गई थी। शनिवार को 192 तो रविवार को 152 एक्यूआई दर्ज किया गया था।
वहीं, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार सुबह दिल्ली के अलीपुर में 362, आनंद विहार में 362, अशोक विहार में 348, आया नगर में 230, बवाना में 309, बुराड़ी में 309, और चांदनी चौक इलाके में 319 एक्यूआई दर्ज किया गया है।
डीटीयू इलाके में 313, द्वारका सेक्टर-8 में 312, आईजीआई एयरपोर्ट टी3 में 188, आईटीओ में 312, जहांगीरपुरी में 367, लोधी रोड में 184, मुंडका में 314, नजफगढ़ में 223, नरेला में 286, पंजाबी बाग में 337, आरकेपुरम में 317, रोहिणी में 359, सोनिया विहार में 332, विवेक विहार में 356, और वजीरपुर में 363 एक्यूआई दर्ज किया गया है।
क्या दर्शाता है वायु गुणवत्ता सूचकांक
यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है। 101-200 का मतलब वायु प्रदूषण का स्तर मध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब और 301 से 400 के बीच का अर्थ वायु गुणवत्ता की बेहद खराब श्रेणी को दर्शाता है। 401 से 500 की श्रेणी में वायु की गुणवत्ता गंभीर बन जाती है। ऐसी स्थिति में इंसान की सेहत को नुकसान पहुंचता है। पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए यह जानलेवा है।
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