दिल्ली में हादसे वाली जगहों को गूगल मैप्स पर भी चिह्नित किया जाएगा। नोएडा में एक तकनीकी पेशेवर (इंजीनियर) की कार के पानी से भरे गड्ढे में गिरने से हुई मौत की घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने राजधानी भर में हादसे वाली और उच्च जोखिम वाले स्थानों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित करने का फैसला लिया है। सूत्रों के अनुसार दिल्ली पुलिस प्रमुख ने हाल में हुई एक आंतरिक बैठक के दौरान जिला स्तर के अधिकारियों को सरकारी एजेंसियों के साथ मिलकर काम करने के निर्देश दिए हैं।
बैठक में निवारक पुलिसिंग और तकनीक के इस्तेमाल के जरिए दुर्घटनाजनित मौतों को कम करने पर जोर दिया गया। वरिष्ठ अधिकारिक सूत्र ने बताया कि जिला उपायुक्त पुलिस (डीसीपी) को नगर निकायों, सड़क स्वामित्व वाली एजेंसियों और यातायात प्राधिकरणों के साथ समन्वय कर खतरनाक सड़कों, निर्माण स्थलों और कम दृश्यता वाले इलाकों का विस्तृत आकलन करने को कहा गया है।
उन्होंने बताया कि एक बार ऐसे स्थानों की पहचान हो जाने के बाद वहां उचित भौतिक चिन्हांकन, रिफ्लेक्टिव साइनबोर्ड और बैरिकेडिंग की जाएगी, ताकि लोगों को समय रहते चेतावनी मिल सके। इसके अलावा, इन उच्च जोखिम वाले स्थानों को गूगल मैप्स पर भी चिह्नित किया जाएगा, जिससे नेविगेशन एप का इस्तेमाल करने वाले चालकों और दोपहिया सवारों को वास्तविक समय में अलर्ट मिल सके।
एक अन्य पुलिस अधिकारी ने कहा कि ध्यान अनुमान और रोकथाम पर है। उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी वाहन चालक को संकेतों की कमी, खराब रोशनी या सड़क की स्थिति में अचानक बदलाव के कारण अनजाने में किसी थिति का सामना न करना पड़े।
अधिकारियों ने बताया कि यह पहल दिल्ली पुलिस की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है, इसे पारंपरिक पुलिसिंग के साथ तकनीक को जोड़ा जा रहा है और बुनियादी ढांचे से जुड़ी खामियों से होने वाली दुर्घटनाओं को कम किया जा सके।
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