शीतलहर से ठिठुर रहा पूरा बिहार, कोल्ड- डे का ऑरेंज अलर्ट

उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बफर्बारी का असर अब बिहार में साफ नजर आने लगा है। बर्फीली हवाएं सीधे मैदानी इलाकों की ओर बढ़ रही हैं, जिससे राज्य के कई जिलों में कड़ाके की ठंड और कनकनी बढ़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों में बिहार के अनेक हिस्सों में 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ठंडी हवायें चलने की संभावना है। धूप निकलने के बावजूद लोगों को ठिठुरन का अहसास होगा।

बिहार में कोल्ड- डे का ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने गुरुवार के लिये बिहार में कोल्ड- डे का ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र ने स्पष्ट किया है कि अगले तीन से चार दिनों तक ठंड से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। खासकर खुले मैदानों, खेतों और हाईवे के आसपास ठंड का असर शहरों की तुलना में कहीं अधिक रहेगा।

जानिए क्या होता है कोल्ड डे?
मौसम विज्ञान के अनुसार जब मैदानी इलाकों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से लुढक जाए और अधिकतम तापमान सामान्य से 4.5 से 6.5 डिग्री सेल्सियस नीचे आ जाए, तो उस दिन को ‘कोल्ड डे’ घोषित किया जाता है।

घने कोहरे से विजिबिलिटी 50 मीटर तक सिमटी
राजधानी पटना में कोहरे का असर सबसे ज्यादा देखने को मिला। गुरुवार सुबह विजिबिलिटी घटकर मात्र 50 मीटर रह गई, जिससे सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए। कई इलाकों में ओस इतनी सघन थी कि सड़कों पर बारिश जैसा अहसास हुआ। घने कोहरे के कारण विमान सेवाओं और ट्रेनों के संचालन पर भी असर पड़ा है।

तापमान की बात करें तो भागलपुर राज्य का सबसे ठंडा जिला रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। गया, छपरा, शेखपुरा और किशनगंज में पारा गिरकर सात डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। वहीं राजधानी पटना का न्यूनतम तापमान 9.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। बढ़ते ठंड और शीतलहर को देखते हुये चिकित्सकों ने बुजुर्गों, बच्चों और सांस संबंधी रोगियों को घर के भीतर रहने की सलाह दी है। साथ ही बाहर निकलते समय कान, छाती और शरीर को पूरी तरह ढककर रखने की अपील की है।

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com