पाकिस्तान के बलूचिस्तान में जबरन गुमशुदगी का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। क्वेटा और केच जिलों में छह और लोगों के कथित अपहरण की खबर सामने आई है। आरोप है कि रात के अंधेरे में सुरक्षा बलों ने घरों पर छापे मारकर लोगों को उठाया और उन्हें अज्ञात स्थानों पर ले जाया गया।
परिजनों को अब तक उनकी कोई जानकारी नहीं मिली है। इनमें एक नाबालिग लड़का और 15 वर्षीय किशोरी नसरीन बलोच का मामला भी शामिल है, जिसकी एफआइआर तक दर्ज नहीं की गई।
इन घटनाओं के विरोध में केच जिले के तुरबत में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। हजारों लोग सड़कों पर उतर आए, बाजार बंद रहे और प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनकारियों ने बढ़ते अपराध, अपहरण और असुरक्षा के लिए सीधे पाकिस्तानी सुरक्षा संस्थानों को जिम्मेदार ठहराया।
नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर अपहृत युवाओं को जल्द बरामद नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज होगा। हालात की गंभीरता इसी से समझी जा सकती है कि इसी दौरान पंजगुर में आइईडी धमाके में एक व्यक्ति की मौत और कई लोग घायल हो गए। कुल मिलाकर, बलूचिस्तान में डर, आक्रोश और असंतोष का माहौल और गहराता जा रहा है।
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