हरियाणा में मुर्गी पालन फॉर्मों की जरूरतों और समस्याओं के समाधान के लिए प्रदेश सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार ने मंत्रियों की एक उप समिति बनाई है, जिसमें पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह, कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा और विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार शामिल हैं। यह उप समिति मुर्गी पालन फॉर्मों की समस्याओं का समाधान निकालने और उनकी जरूरतों को पूरा करने के लिए काम करेगी।
प्रदेश में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को पोल्ट्री फॉर्म का व्यवसाय शुरू करने के लिए 9 लाख रुपये तक का लोन सब्सिडी पर दिया जा रहा है। सामान्य वर्ग के लिए 25 प्रतिशत और अनुसूचित जाति-जनजाति को 33 प्रतिशत तक की सब्सिडी का प्रविधान है।
ऋण चुकाने के लिए पांच साल का समय मिलेगा और यदि कोई कठिनाई आती है तो छह महीने तक की अतिरिक्त छूट भी दी जाती है। प्रदेश सरकार द्वारा गठित उप समिति पोल्ट्री फॉर्म एसोसिएशन के साथ बैठकें कर व्यवसाय की जरूरतों और समस्याओं पर रिपोर्ट तैयार सरकार को सौंपेगी।
विकास एवं पंचायत विभाग के आयुक्त एवं सचिव अमित कुमार अग्रवाल ने एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। इसके अनुसार, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को उप समिति को सहायता प्रदान करने के लिए नोडल विभाग के रूप में नामित किया गया है। इस विभाग के नोडल अधिकारी पर्यावरण निदेशक होंगे¹। यह निर्णय उप समिति को आवश्यक सहायता प्रदान करने और उसके कार्यों को सुविधाजनक बनाने के लिए लिया गया है।