भारतीय क्रिकेट का ‘दादा’ कहा जाए, तो बस सौरव गांगुली का नाम याद आता है। उन्होंने अपनी कप्तानी, बल्लेबाजी और व्यक्तित्व से इसे साबित भी किया है। अगर उनके खिलाफ स्लेजिंग की जाती तो वे बल्ले और मुंह से जवाब देते थे। उन्होंने भारत को विदेशी धरती पर जीतना सिखाया। स्पिनर्स के लिए मानो वो काल बनकर आते थे और गेंद को हवाई यात्रा कराते हुए स्टेडियम के बाहर भेज दिया करते थे।
गांगुली ने भारत को कोई आईसीसी ट्रॉफी नहीं दिलाई लेकिन भारतीय क्रिकेट की जड़ें, इतनी मजबूत कर दी कि आने वाले समय में टीम इंडिया खेल पर राज करने वाली थी। उन्होंने मैदान पर कुछ ऐसे रिकॉर्ड बनाए हैं, जो आज तक कोई भी बल्लेबाज नहीं तोड़ पाया है। वे अब 54 साल के हो गए हैं। ऐसे में आइए दादा के कुछ ऐसे ही रिकॉर्ड के बारे में बताते हैं, जो आज तक ‘अमर’ हैं।
सौरव गांगुल का चैंपियंस ट्रॉफी का रिकॉर्ड
दादा ने साल 2000 में न्यूजीलैंड के खिलाफ चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में 117 रनों की पारी खेली थी। चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में ये अब तक सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है। उनके इस रिकॉर्ड को 26 साल हो चुके हैं और आज तक कोई नहीं तोड़ पाया है। हालांकि, उस फाइनल में भारत को हार का सामना करना पड़ा था।
वनडे में गांगुली का खास रिकॉर्ड
क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर के साथ मिलकर गांगुली ने भारत को अनगिनत मैचों में जीत दिलाई है। जब ये जोड़ी मैदान पर होती थी, तो विरोधी गेंदबाजों के लिए विकेट ले पाना मुश्किल हो जाता था। गांगुली ने सचिन के साथ वनडे में 176 पारियों में 8227 रन जोड़े हैं। इस दौरान उनका औसत 48 का रहा है। आज तक वनडे क्रिकेट के इतिहास में कोई भी जोड़ी 6000 रनों के आंकड़े को भी नहीं छू सकी है। ऐसे में उनके इस रिकॉर्ड को किसी के लिए भी तोड़ पाना असंभव लगता है।
गांगुली का टेस्ट में सबसे बड़ा स्कोर
बाएं हाथ के इस पूर्व बल्लेबाज ने टेस्ट क्रिकेट में भी एक रिकॉर्ड ऐसा बनाया, जो आज तक नहीं टूटा है। वे भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट में बाएं हाथ के बल्लेबाज के तौर पर सबसे बड़ा स्कोर बनाने वाले बैटर हैं। उन्होंने 2007 में पाकिस्तान के खिलाफ 239 रनों की पारी खेली थी। ये रिकॉर्ड भी आज तक कोई नहीं तोड़ पाया है।
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