हिंदू धर्म में गंगा सप्तमी का दिन मां गंगा के जन्मोत्सव का प्रतीक माना जाता है। वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को ही मां गंगा शिव की जटाओं से धरती लोक में उतरी थीं, इसलिए इसे गंगा जयंती भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान और दान करने से व्यक्ति के सात जन्मों के पाप धुल जाते हैं।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि गंगा सप्तमी के दिन केवल स्नान ही काफी नहीं है? अगर इस शुभ तिथि पर आप कुछ विशेष पवित्र चीजों को अपने घर लाते हैं, तो इससे न केवल मां गंगा बल्कि महादेव की भी असीम कृपा बरसती है। ऐसे में आइए जानते हैं कि वे कौन सी चीजें हैं, जो आपके सोए हुए भाग्य को जगा सकती हैं?
चांदी या तांबे के पात्र में गंगाजल
गंगा सप्तमी के दिन सबसे शुभ काम है पवित्र गंगाजल को घर लाना। अगर ऐसा करना मुश्किल है, तो घर में रखे गंगाजल को तांबे या चांदी के नए पात्र में भरकर उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण में रखें। इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सुख-समृद्धि का वास होता है।
दक्षिणवर्ती शंख
शंख को साक्षात लक्ष्मी का भाई माना जाता है। ऐसे में गंगा सप्तमी के दिन दक्षिणवर्ती शंख खरीदकर घर लाना और उसे पूजा स्थान पर स्थापित करना बहुत शुभ होता है। ऐसा माना जाता है कि जिस घर में शंख की ध्वनि होती है और उसकी पूजा होती है, वहां दरिद्रता कभी कदम नहीं रखती।
कमल या हाथी की प्रतिमा
मां गंगा को कमल का फूल बेहद प्रिय है और हाथी ऐश्वर्य का प्रतीक है। इस दिन चांदी का छोटा सा कमल का फूल या चांदी का हाथी घर लाना आपके करियर और व्यापार में उन्नति के द्वार खोलता है। साथ ही, यह सौभाग्य को भी आकर्षित करने वाली वस्तु मानी जाती है। अगर ऐसा करना मुश्किल है, तो आप अन्य किसी धातु की भी प्रतिमा (कमल या हाथी) ला सकते हैं।
रुद्राक्ष
मां गंगा महादेव की जटाओं में वास करती हैं, इसलिए गंगा सप्तमी पर रुद्राक्ष घर लाना और उसे धारण करना या पूजा घर में रखना विशेष फलदायी माना गया है। यह आपके जीवन के तनाव को कम कर मानसिक शांति प्रदान करता है।
गंगा सप्तमी पूजा मंत्र
ॐ गंगे नमः॥
गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वती।
नर्मदे सिन्धु कावेरी जलस्मिन् सन्निधिं कुरु॥
नमो गंगायै विश्वरूपिण्यै नारायण्यै नमो नमः॥
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