मध्य प्रदेश के सागर स्थित डॉ. हरीसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय के नाम एक और बड़ी ऐतिहासिक उपलब्धि जुड़ गई है। विश्वविद्यालय की होनहार एनसीसी (NCC) कैडेट सारा पांडे का चयन प्रतिष्ठित ‘यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम’ (YEP) 2026 के लिए हुआ है। सारा अब रूस में भारत का प्रतिनिधित्व करने जा रही हैं। सबसे खास और गर्व करने वाली बात यह है कि पूरे मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ क्षेत्र से सारा पांडे एकमात्र छात्रा हैं, जिन्हें इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने का सुनहरा अवसर मिला है। उनकी इस सफलता से बुंदेलखंड सहित पूरे प्रदेश में हर्ष का माहौल है।
मां के अधूरे सपने को पूरा करने का था जज़्बा
सारा की इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे एक बेहद भावुक कर देने वाली कहानी है। सारा अपने माता-पिता की इकलौती संतान हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें एनसीसी में जाने की प्रेरणा अपनी मां से मिली, जो खुद कभी एनसीसी का हिस्सा रही थीं। लेकिन उनका कुछ सपना अधूरा रह गया था। सारा पांडे ने बातचीत में कहा— मैंने एनसीसी इसलिए जॉइन की क्योंकि मैं अपनी मां का अधूरा सपना पूरा करना चाहती थी। उन्हें देखकर ही मुझे प्रेरणा मिली और आज मैंने जो भी मुकाम हासिल किया है, उसमें उनका बहुत बड़ा योगदान है।
पहले भी लोहा मनवा चुकी हैं सारा
सारा इससे पहले भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी हैं। वह एनसीसी के सबसे प्रतिष्ठित और कठिन माने जाने वाले गणतंत्र दिवस शिविर (RDC) में भी शामिल हो चुकी हैं। उस कठिन शिविर में भी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ से केवल सारा का ही चयन हुआ था। इसके अलावा वह अपने बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर पूरे देश के टॉप-10 कैडेट्स में भी स्थान प्राप्त कर चुकी हैं।
इनका रहा विशेष योगदान
सारा ने बताया कि इस बड़ी सफलता को हासिल करने में 7 MP बटालियन और विश्वविद्यालय की ANO सुमन पटेल का विशेष योगदान और मार्गदर्शन रहा है। सारा की इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय प्रशासन, एनसीसी यूनिट और प्राध्यापकों ने खुशी जाहिर करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।
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