उद्योगों के अनुरूप कुशल मानव शक्ति के विकास की दिशा में हरियाणा एक बड़ी पहल करने जा रहा है। प्रदेश की ITI में जल्द ही चीनी मिलों से संबंधित विशेष पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी है। इसके लिए मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता विभाग के प्रधान सचिव की अध्यक्षता में एक समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। यह कमेटी पाठ्यक्रमों के संचालन की रूपरेखा को अंतिम रूप देकर 14 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने आज यहां एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए राज्य के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) में चीनी मिलों से संबंधित विशेष पाठ्यक्रम शुरू करने के प्रस्ताव की समीक्षा की। इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं को उद्योग उन्मुखी कौशल प्रदान करना तथा चीनी क्षेत्र में रोजगार के अवसरों को बढ़ाना है।
उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रमों का स्वरूप उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप होना चाहिए, ताकि युवाओं को बेहतर रोजगार के अवसर मिल सकें और चीनी मिलों को प्रशिक्षित एवं कुशल मानव संसाधन उपलब्ध हो सके। बैठक के दौरान विभिन्न तकनीकी, व्यावसायिक तथा डिप्लोमा स्तर के पाठ्यक्रमों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया, जिन्हें आईटीआई तथा अन्य प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से संचालित किया जा सकता है।
बैठक में इस संभावना पर भी विचार किया गया कि इन विशेष पाठ्यक्रमों का संचालन सीधे चीनी मिल परिसरों में किया जाए, ताकि प्रशिक्षुओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण और उद्योग आधारित सीखने का अवसर मिल सके।
बैठक में राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीवीईटी), प्रशिक्षण महानिदेशालय तथा अन्य मान्यता प्राप्त संस्थानों द्वारा चिन्हित चीनी मिलों से संबंधित पाठ्यक्रमों की विस्तृत सूची की समीक्षा की गई। इनमें एग्रो प्रोसेसिंग, मैकेनिकल मेंटेनेंस (केमिकल प्लांट), बॉयलर अटेंडेंट, शुगर प्रोसेसिंग ऑपरेटर, शुगर बॉयलिंग, क्वालिटी कंट्रोल, डिप्लोमा इन बॉयलर ऑपरेशन, पीजी डिप्लोमा इन शुगर टेक्नोलॉजी, शुगर मैन्युफैक्चरिंग सर्टिफिकेट, शुगर इंजीनियरिंग डिप्लोमा, शुगर इंजीनियरिंग सर्टिफिकेट तथा इंस्ट्रूमेंटेशन एवं ऑटोमेशन, प्रोडक्टिविटी एवं मैच्योरिटी मैनेजमेंट, पर्यावरण विज्ञान और बॉयलर संचालन से संबंधित विशेष डिप्लोमा पाठ्यक्रम शामिल हैं।
कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग वर्तमान में आठवीं और दसवीं कक्षा के बाद विद्यार्थियों के लिए 89 विभिन्न ट्रेड संचालित कर रहा है, जबकि प्रशिक्षण महानिदेशालय (डीजीटी) से संबद्ध संस्थानों के माध्यम से 169 सीटीएस पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त इलेक्ट्रिशियन, वेल्डर, फिटर, टर्नर, रेफ्रिजरेशन एवं एयर कंडीशनिंग तथा इंस्ट्रूमेंट मैकेनिक जैसे रखरखाव संबंधी कई ट्रेड पहले से ही राज्य के आईटीआई में संचालित हैं।
बैठक में युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता विभाग के प्रधान सचिव राजीव रंजन, हरियाणा राज्य सहकारी चीनी मिल प्रसंघ के प्रबंध निदेशक शक्ति सिंह तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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