चुनाव के वक्त जब भी बीजेपी और मुस्लिमों की बात आती है, तो एक आवाज हमेशा उठती है, वो ये कि बीजेपी मुसलमानों को टिकट क्यों नहीं देती. विपक्ष की तरफ से आरोप लगाए जाते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘सबका साथ सबका विकास’ की बात करते हैं, लेकिन मुसलमानों को अपनी पार्टी में मौका नहीं देते. इन आरोपों पर बीजेपी हमेशा जीतने वाले उम्मीदवारों को टिकट देने का तर्क देती है.
दिल्ली नगर निगम चुनाव के नतीजे भी कुछ इस तरफ ही इशारा करते हैं. एमसीडी के 272 वार्डों में बीजेपी ने 6 मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिया. हालांकि दस्तावेजों की कमी के चलते उनमें से एक उम्मीदवार का टिकट रद्द हो गया और वो चुनाव नहीं लड़ सका. जबकि बाकी पांचों उम्मीदवार अपनी सीट नहीं बचा सके. ऐसा तब है जब पांचों उम्मीदवार मुस्लिम बाहुल्य वार्डों से चुनाव मैदान में उतारे गए थे. इनमें एक महिला भी शामिल थी.
ये हैं वो पांच प्रत्याशी
1. कुंवर रफी – जाकिर नगर
2. सरताज अहमद- चौहान बांगर
3. सबरा मलिक – मुस्तफाबाद
4. फामु्द्दीन सफी- दिल्ली गेट
5. रुबीना बेगम- कुरैश नगर
नतीजे आए तो इन पांचों में से कोई भी जीत नहीं दर्ज कर सका. जाकिर नगर वार्ड से कुंवर रफी को कांग्रेस के शोएब दानिश ने मात दी. देहली गेट से बीजेपी के प्रत्याशी फामुद्दीन सफी को कांग्रेस के मुहम्मद इकबाल ने हराया. कुरैश नगर से कांग्रेस की नेहा फातिमा ने बीजेपी की रुबीना बेगम को मात दी.
चौहान बांगर वार्ड की बात की जाए तो यहां से आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी ने जीत दर्ज की और बीजेपी के सरताज अहमद को हराया. मुस्तफाबाद से भी बीजेपी कैंडिडेट को हार का सामना करना पड़ा और कांग्रेस के परवीन ने सबरा मलिक को हराया. यानी जिन पांच वार्डों से बीजेपी के उम्मीदवार चुनाव लड़े, उनमें से चार पर कांग्रेस और एक पर आम आदमी पार्टी ने जीत दर्ज की.
बता दें कि दिल्ली नगर निगम चुनाव में बीजेपी की लहर चली. पार्टी ने 270 सीटों में से 181 सीटों पर जीत दर्ज दी. बीजेपी की इस बंपर जीत के बावजूद पांच मुस्लिम उम्मीदवारों में किसी को भी जीत नहीं मिल पायी.
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