पाकिस्तान ने 23 मार्च को गणतंत्र दिवस के मौके पर निर्धारित सैन्य परेड और सभी औपचारिक समारोह रद कर दिए हैं। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के कार्यालय ने मंगलवार को यह घोषणा की। फैसला अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण उत्पन्न खाड़ी तेल संकट के चलते लिया गया है।
सरल साधारण झंडा फहराने का समारोह
सरकारी ने एक बयान में कहा कि खाड़ी तेल संकट और सरकार द्वारा घोषित कठोर उपायों को देखते हुए यह तय किया गया है कि 23 मार्च को पाकिस्तान दिवस परेड और इससे जुड़े सभी समारोह नहीं होंगे। इसके स्थान पर केवल एक साधारण झंडा फहराने का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
बयान में आगे निर्देश दिया गया है कि सभी मंत्रालयों, विभागों और इकाइयों को इस अवसर को सादगी और गरिमा के साथ मनाने का आदेश दिया जाता है, ताकि सीमित समारोहों के बावजूद दिन का महत्व और उसका सच्चा संदेश बरकरार रहे।
युद्ध के कारण बढ़ा ईंधन संकट
मार्च में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध से उपजे गंभीर ईंधन संकट और आर्थिक अस्थिरता से निपटने के लिए व्यापक कठोर उपायों की घोषणा की थी। इन आपातकालीन कदमों का मकसद सरकारी खर्च को तेजी से कम करना और ऊर्जा बचाना है, क्योंकि वैश्विक तेल कीमतें आसमान छू रही हैं।
युद्ध शुरू हुए दो सप्ताह से ज्यादा समय बीत चुका है। इस दौरान ईरान ने खाड़ी में कई जहाजों पर हमला किया, जिससे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज लगभग बंद हो गया है। यह जलडमरूमध्य दुनिया के पांचवें हिस्से के कच्चे तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस का मुख्य मार्ग है।
पाकिस्तान खाड़ी देशों से आयातित कच्चे तेल और शुद्ध ईंधन पर पूरी तरह निर्भर है, जो ज्यादातर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर आता है।
रामजान में महंगाई का दर्दनाक झटका
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक पाकिस्तान सरकार ने केरोसिन और लाइट डीजल ऑयल (एलडीओ) की कीमतें बढ़ा दी हैं। ईंधन की कीमतों में तेज उछाल रामजान के दौरान और भी दर्दनाक साबित हो रहा है। पाकिस्तान की बजट पहले से संकट में हैं और बुनियादी जरूरतों की कीमतों में वृद्धि मध्यवर्गीय परिवारों को सबसे ज्यादा प्रभावित कर रही है।
इस समय लोगों में सार्वजनिक गुस्से को बढ़ा रहा है। रामजान में सरकारों से राहत की उम्मीद की जाती है, लेकिन परिवारों को लागत का ऐसा झटका लग रहा है जो उनकी खरीद क्षमता को तेजी से कम कर रहा है, ठीक उसी समय जब वे ईद के खर्च की तैयारी कर रहे हैं।
ऐतिहासिक महत्व का दिन
23 मार्च का दिन पाकिस्तान के लिए गहरा ऐतिहासिक महत्व रखता है। यह 1940 के लाहौर प्रस्ताव को याद दिलाता है, जिसमें ऑल इंडिया मुस्लिम लीग ने पहली बार स्वतंत्र मुस्लिम मातृभूमि की मांग रखी थी। इसी मांग ने 1947 में भारत के विभाजन का रूप लिया।
इस तारीख का दूसरा महत्वपूर्ण आयाम यह है कि 23 मार्च 1956 को पाकिस्तान ने अपना पहला संविधान अपनाया और औपचारिक रूप से गणतंत्र बन गया।
Live Halchal Latest News, Updated News, Hindi News Portal