अमेरिका-इजरायल हमलों में मारे गए ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को गुरुवार को मशहद स्थित शिया समुदाय के पवित्र इमाम रेजा दरगाह में पूरे राजकीय सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
उनके अंतिम विदाई के साथ ही पिछले एक सप्ताह से चल रहे शोक समारोह, जुलूस और श्रद्धांजलि कार्यक्रम संपन्न हो जाएंगे। हालांकि, इस दौरान उनके उत्तराधिकारी बेटे मोजतबा खामेनेई नजर नहीं आए।
अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी भारी भीड़ के कारण अंतिम विदाई की रस्में कई घंटे तक टालनी पड़ीं। हजारों लोग तड़के से ही सड़कों, मस्जिदों और दरगाह परिसर में जुट गए थे।
काले कपड़ों में पहुंचे शोकाकुल लोग खामेनेई के समर्थन और उनकी हत्या का बदला लेने के नारे लगा रहे थे। भीषण गर्मी के बीच श्रद्धालुओं के लिए पानी और अन्य व्यवस्थाएं की गईं।
खामेनेई को मशहद में किया जाएगा सुपुर्द-ए-खाक
ईरानी मीडिया ने दावा किया कि मशहद के आसपास अमेरिकी हमलों के कारण भी अंतिम विदाई में देरी हुई, हालांकि अमेरिकी सेना ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
खामेनेई के ताबूत के अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग रातभर दरगाह परिसर में डटे रहे। कई परिवार खुले परिसर में ही ठहरे और सुबह अंतिम रस्मों का इंतजार करते रहे।
खामेनेई के अंतिम विदाई की शुरुआत पिछले सप्ताह तेहरान से हुई थी। इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को तेहरान, कोम, इराक के नजफ और कर्बला ले जाया गया और अंततः मशहद लाया गया। इस दौरान विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
मशहद में आयोजित अंतिम विदाई समारोह में केवल ईरान ही नहीं, बल्कि इराक, पाकिस्तान, भारत, नाइजीरिया और सेनेगल सहित कई देशों से भी शिया समुदाय के लोग पहुंचे।
विश्लेषकों के अनुसार, यह अंतिम विदाई आधुनिक शिया राजनीति और धार्मिक नेतृत्व के एक प्रभावशाली अध्याय के अंत का प्रतीक माना जा रहा है।
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