अनिल अग्रवाल की वेदांता की चार कंपनियों की लिस्टिंग सोमवार यानी 15 जून को होनी है। इससे पहले 1 मई को वेदांता का डीमर्जर (Vedanta Demerger) प्लान लागू हुआ था। वेदांता से अलग हुई चार नई कंपनियों की भारतीय बाजार में लिस्टिंग होने से एक दिन पहले लंदन में वेदांता रिसोर्सेज (Vedanta Resources) ने एक बड़ा कदम उठाया है।
दरअसल, लंदन स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड वेदांता रिसोर्सेज ने 3.6 अरब डॉलर का बॉन्ड बायबैक शुरू किया है, जो उसके 5.4 अरब डॉलर के रीफाइनेंसिंग प्लान का पहला स्टेप है। इस मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि इस ऑफर का मकसद नए बॉन्ड जारी करने और बॉन्ड व लोन को रीफाइनेंस करने से पहले मौजूदा बॉन्ड को वापस खरीदना, लागत कम करना और मैच्योरिटी की अवधि बढ़ाना है।
23 जून तक के लिए हैं वेदांता का बॉन्ड बायबैक ऑफर
वेदांता रिसोर्सेज का यह 3.6 अरब डॉलर का बॉन्ड बायबैक ऑफर 23 जून तक चलेगा। कंपनी लंदन, बोस्टन और न्यूयॉर्क में निवेशकों से नए बॉन्ड के बारे में बातचीत भी कर रही है।
रिपोर्ट्स के अनुसार वेदांता को $300 मिलियन तक अतिरिक्त भुगतान करना पड़ सकता है क्योंकि उसके बॉन्ड फेस वैल्यू से ज्यादा पर ट्रेड कर रहे हैं, लेकिन उसे भरोसा है कि इस कदम से उधार लेने की लागत में लगभग 3% की कमी आएगी और पैसे की बचत होगी।
जिन इन्वेस्टर्स को कैपिटल गेन हो रहा है, उनके लिए बिना प्रीमियम पाए अपनी सिक्योरिटीज को कंपनी को वापस बेचना मुश्किल है। वेदांता रिसोर्सेज यह बायबैक अपने कर्ज को लंबे समय में मैनेज करने में आसान और सस्ता बनाने की बड़ी योजना के तहत कर रही है।
ये ग्लोबल बैंक वेदांता रिसोर्सेज की कर रहे हैं मदद
कमोडिटी की कीमतों में बढ़ोतरी और रेटिंग अपग्रेड जैसी हालिया अच्छी बातों से रीफाइनेंसिंग आसान हो रही है। सिटीग्रुप, जेपी मॉर्गन और बार्कलेज जैसे ग्लोबल बैंक इस कोशिश में मदद कर रहे हैं, जबकि वेदांता अलग से $1.8 बिलियन के लोन का भुगतान भी कर रही है।
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