भारत ने शुक्रवार को होर्मुज स्ट्रेट से तत्काल सुरक्षित एवं बाधा रहित समुद्री आवागमन बनाए रखने की अपील दोहराई।
साथ ही इस बात पर जोर दिया कि पश्चिम एशिया में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति के बीच अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन किया जाना चाहिए। सरकार ने पुष्टि की कि वह राष्ट्रीय ऊर्जा हितों की रक्षा के लिए क्षेत्रीय अस्थिरता पर कड़ी नजर रखे हुए है।
साप्ताहिक प्रेस वार्ता के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए वैश्विक साझेदारों के साथ सक्रियता से समन्वय कर रहा है।
समुद्री सुरक्षा पर महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए प्रवक्ता ने बताया कि हमने आपको उन भारतीय जहाजों के बारे में जानकारी दी है जो अब तक होर्मुज स्ट्रेट पार कर चुके हैं।
आगे कहा कि एलपीजी से लदे चार जहाज कुछ दिन पहले होर्मुज स्ट्रेट को सुरक्षित रूप से पार करके भारत पहुंच गए हैं। सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने और हमारी ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए हम सभी संबंधित देशों से संपर्क बनाए हुए हैं।
ईंधन आपूर्ति सुरक्षित करने की व्यापक रणनीति के संबंध में जायसवाल ने बताया कि भारत के खरीद संबंधी निर्णय उसके 1.4 अरब नागरिकों की घरेलू मांग और मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों से निर्धारित होते हैं।
उन्होंने कहा, ”हमारा ²ष्टिकोण हमारे लोगों की जरूरतों को पूरा करने की अनिवार्यता, बाजार की स्थितियों और वैश्विक संदर्भ पर आधारित है। ये ही हमारे मार्गदर्शक सिद्धांत बने हुए हैं।”
एक अन्य सवाल के जवाब में जायसवाल ने कहा कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने फ्रांस में जी-7 विदेश मंत्रियों की बैठक से इतर कई द्विपक्षीय बैठकें की हैं।
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