भाई दूज पर इस विधि से करें तिलक

होली के बाद आने वाला होली भाई दूज का पर्व भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का प्रतीक है। इस साल यह पर्व 5 मार्च यानी आज के दिन मनाया जा रहा है। इसे भ्रातृ द्वितीया भी कहा जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, इसी दिन यमुना जी ने अपने भाई यमराज को तिलक कर भोजन कराया था, जिससे खुश होकर यमराज जी ने बहनों को सुख-समृद्धि और भाइयों को लंबी उम्र का वरदान दिया था, तो चलिए इस आर्टिकल में होली भाई दूज का शुभ मुहूर्त, तिलक की सही विधि जानते हैं।

शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 09 मिनट से दोपहर 12 बजकर 56 मिनट तक रहेगा। इसके साथ अमृत काल सुबह 03 बजकर 11 मिनट से सुबह 04 बजकर 52 मिनट (6 मार्च) तक रहेगा। इस दौरान आप अपने भाई का तिलक कर सकती हैं।

तिलक विधि
सबसे पहले घर के उत्तर-पूर्व कोने या पूजा स्थान पर आटा या रंगोली से एक छोटा सा चौक बनाएं।
भाई को साफ स्थान पर बिठाएं।
तिलक करते समय भाई का मुख उत्तर या उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) की ओर होना चाहिए।
बहन का मुख पश्चिम की ओर होना चाहिए।
थाली में रोली, अक्षत, कलावा, सूखा नारियल का गोला, मिठाई और दीपक रखें।
भाई के माथे पर तिलक लगाएं और उस पर अक्षत लगाएं।
तिलक लगाते समय भाई की लंबी उम्र की कामना करें।
भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधें और उसके हाथ में सूखा नारियल का गोला दें। यह गोला भाई की सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है।
दीपक जलाकर भाई की आरती उतारें और उसे मिठाई खिलाएं।

ध्यान दें ये बातें
भाई दूज के दिन भाई को अपनी बहन के घर जाकर ही भोजन करना चाहिए।
अगर बहन दूर है, तो उससे फोन पर बात कर या उसे उपहार भेजकर आशीर्वाद लें।
तिलक के बाद भाई को अपनी क्षमता के अनुसार बहन को उपहार जरूर देना चाहिए।
शाम के समय घर के मुख्य द्वार पर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके यमराज के नाम का चौमुखी दीपक जलाना चाहिए।
इस दिन भाई और बहन दोनों को तामसिक भोजन से परहेज करना चाहिए और लड़ाई करने से भी बचना चाहिए।

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