पंजाब में एक साल के अंदर ही इलेक्ट्रिक वाहनों (ई-वाहनों) की बिक्री में 48% फीसदी की बढ़ोतरी हो गई है। वर्ष 2025 में रिकाॅर्ड 35,631 ई-वाहनों की बिक्री हुई है जबकि वर्ष 2024 में 24,008 ई-वाहन बिके थे। लोगों में दोपहिया ई-वाहनों के प्रति अधिक क्रेज है।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। सरकार ने हाल ही में अपनी इलेक्ट्रिक नीति में विस्तार भी किया है जिसके भी नतीजे आने शुरू हो गए हैं। तीन माह में ही सात हजार से अधिक ई-वाहनों की बिक्री हो चुकी है।
रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2024 में 19,858 दोपहिया ई-वाहनों की बिक्री हुई थी जो वर्ष 2025 वर्ष में बढ़कर 27,264 तक पहुंच गई है जबकि वर्ष 2023 में सिर्फ 8758 दोपहिया ई-वाहनों की बिक्री हुई थी। इसी तरह सूबे में चारपहिया ई-वाहनों में भी लोगों की रुचि बढ़ रही है और इनकी बिक्री भी दोगुनी हो गई है। वर्ष 2024 के दौरान 4150 वाहन बिके थे जिनकी बिक्री वर्ष 2025 बढ़कर 8367 तक पहुंच गई है। वर्ष 2023 के दौरान सिर्फ 791 चारपहिया ई-वाहनों की बिक्री हुई थी।
दोपहिया वाहनों की बिक्री में पंजाब की स्थिति पड़ोसी राज्यों हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर से भी बेहतर है जबकि चार पहिया वाहनों की बिक्री में हरियाणा आगे है जहां वर्ष 2025 के दौरान 13,805 चार पहिया ई-वाहनों की बिक्री हुई है।
इलेक्ट्रिक वाहन नीति में किया विस्तार
सरकार ने ई-वाहनों को बढ़ावा देने के लिए हाल ही में इलेक्ट्रिक वाहन नीति में एक साल विस्तार किया है जिससे नीति अब 20 फरवरी 2027 तक लागू रहेगी। इससे लोगों को पहले की तरह ही ई-वाहनों की खरीद पर इंसेंटिव मिल रहा है। 21 फरवरी 2023 को इस पॉलिसी को लागू किया गया था। पॉलिसी में चार्जिंग स्टेशन और इन्फ्रास्ट्रक्चर की स्थापना को बढ़ावा देने के लिए भी प्रावधान शामिल किए गए हैं। सरकार ने प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए ई-वाहनों को बढ़ावा देने पर जोर दिया है। नीति के तहत जालंधर, लुधियाना, अमृतसर और पटियाला में ई-बसों की शुरुआत की जा रही है।
50 करोड़ के इन्सेंटिव की योजना
राज्य सरकार की इलेक्ट्रिक पॉलिसी के तहत ई-वाहन निर्माता कंपनियों को आकर्षित करने के लिए 50 करोड़ रुपये के इन्सेंटिव की योजना बनाई गई। इसके अतिरिक्त, तीन पहिया और ई-साइकिल के लिए भी अलग-अलग इन्सेंटिव की घोषणा की गई। नीति का उद्देश्य ई-वाहनों की बिक्री को बढ़ाना देने के साथ नीति को लगातार अपडेट करके इनके इस्तेमाल को भी बढ़ावा देना है।
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