उत्तराखंड में क्षेत्र पंचायतों को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने की दिशा में बड़ा प्रशासनिक बदलाव प्रस्तावित है। सरकार पंचायत राज एक्ट 2016 में संशोधन की तैयारी कर रही है, जिसके तहत अब क्षेत्र पंचायतों में खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) की जगह सहायक विकास अधिकारी पंचायत (एडीओ पंचायत) को क्षेत्र पंचायत का सचिव बनाया जाएगा।
इस संबंध में जल्द ही कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जाएगा।विभागीय अधिकारियों के अनुसार इस बदलाव का उद्देश्य क्षेत्र पंचायतों को अधिक मजबूत बनाना और पंचायतों को मिलने वाली धनराशि का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है। अभी उत्तराखंड में खंड विकास अधिकारियों को क्षेत्र पंचायत का सचिव बनाया गया है जबकि अधिकतर राज्यों में यह जिम्मेदारी सहायक विकास अधिकारी पंचायत निभाते हैं।
पंचायत कार्यों की निगरानी बेहतर होगी
वर्तमान व्यवस्था में खंड विकास अधिकारी ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारी हैं, जिनके पास कई प्रशासनिक व विकास संबंधी कार्यों का अतिरिक्त दबाव रहता है। इस कारण पंचायतों के कार्यों पर उनका ध्यान नहीं रहता या फिर वह रुचि नहीं लेते।
अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों का मानना है कि यदि एडीओ पंचायत को क्षेत्र पंचायत सचिव की जिम्मेदारी दी जाती है तो पंचायत कार्यों की निगरानी बेहतर होगी, योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और स्थानीय स्तर पर जवाबदेही भी बढ़ेगी। यह बदलाव पंचायती राज व्यवस्था को अधिक सक्रिय बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
प्रदेश में 88 एडीओ पंचायत और 1078 वीडीओ हैं कार्यरत
राज्य के 95 विकासखंड़ों में इतने ही खंड विकास अधिकारी हैं, जो पंचायतों के सचिव हैं। जबकि क्षेत्र पंचायतों में 95 सहायक विकास अधिकारी पंचायत के पद सृजित हैं। जिनमें 88 सहायक विकास अधिकारी पंचायत कार्यरत हैं। जिनके सात पद खाली हैं। इसके अलावा प्रदेश में 1175 में से 1078 ग्राम पंचायत विकास अधिकारी कार्यरत हैं। जिनके 97 पद खाली हैं।
उत्तराखंड को छोड़कर अधिकतर राज्यों में एडीओ पंचायत क्षेत्र पंचायत के सचिव हैं, जनप्रतिनिधियों की ओर से मांग की गई थी कि राज्य में भी एडीओ पंचायत को पंचायतों का सचिव बनाया जाए। इसके लिए सरकार कैबिनेट में प्रस्ताव लाएगी। -मदन कौशिक, सचिव पंचायतीराज
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