अहमदाबाद, शत्रुघ्न शर्मा। किसान संपर्क यात्रा से पहले गुजरात कांग्रेस में घमासान मच गया है, नेता विपक्ष पद को लेकर एक बार फिर दो दिग्गज विधायक व एक पूर्व सांसद ने कांग्रेस से अपनी नाराजगी जताई है। राजकोट के कुंवरजी बावळिया व जामनगर के विक्रम माडम ने माना कि वे पार्टी में हो रहे फैसलों से खुश नहीं हैं। अपनी नाराजगी जताने के लिए वे दो दिन पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मिलने वाले थे लेकिन मुलाकात टल गई। गुजरात कांग्रेस के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद कुंवरजी बावळिया ने मीडिया के समक्ष कहा कि नेता विपक्ष का पद नहीं मिलने से वे आलाकमान से नाराज हैं। गत मंगलवार को उनकी कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात तय थी जिसमें वे अपनी नारााजगी उनके समक्ष जताने वाले थे लेकिन किन्हीं कारणों से यह मुलाकात टल गई। बावळिया ने राजकोट में अपने समाज की बैठक भी बुलाई है जिसमें ओबीसी समुदाय के अन्य विधायक भी शामिल होंगे। कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रदेश कांग्रेस व नेता विपक्ष दोनों ही पदों पर युवा चेहरे बिठा दिए जिससे पार्टी के वरिष्ठ नेता ठगे से महसूस कर रहे हैं। विधायक बावळिया व माडम दोनों सौराष्ट्र के दिग्गज नेता हैं तथा कांग्रेस के कट्टर समर्थक हैं। लेकिन अहम पदों पर युवा चेहरों के आ जाने से उनकी नाराजगी खुलकर बाहर आ गई। पूर्व सांसद जीवाभाई ने भी पार्टी के समक्ष अपनी नाराजगी जताई है। तीन दिवसीय गुजरात दौरे पर राहुल, पीएम मोदी पर फिर साधा निशाना यह भी पढ़ें ने भी कहा है कि इस बार वे अपनी नाराजगी पार्टी आलाकमान के समक्ष उजागर करके ही रहेंगे। वरिष्ठ नेता होने के नाते नेता विपक्ष का पद उन्हें मिलना चाहिए था, माडम ने कहा कि वे कांग्रेस से 100 प्रतिशत नाराज हैं तथा राहुल गांधी के समक्ष अपनी बात रखेंगे। गौरतलब है कि आलाकमान ने जातीय समीकरण के हिसाब नेता विपक्ष का पद पाटीदार समुदाय के युवा नेता परेश धनाणी को सौंप दिया वहीं पूर्व अध्यक्ष भरतसिंह सोलंकी के रिश्तेदार अमित चावडा को कांग्रेस का अध्यक्ष पद सौंप दिया जिससे पार्टी के कई वरिष्ठ व दिग्गज नेताओं में नाराजगी है। गुजरात में राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर साधा निशाना यह भी पढ़ें पूर्व अध्यक्ष् अर्जुन मोढवाडिया ने कहा इन नेताओं से उनकी बात हुई है, मीडिया में उनकी बात तोड मरोडकर पेश की गई है, दोनों ही विधायक पार्टी के समर्पित नेता हैं। उधर प्रवक्ता मनीश दोशी ने कहा कि पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र है, सबको अपनी बात कहने का हक है। कांग्रेस पार्टी में भाजपा की तरह अपने नेताओं पर बोलने की पाबंदी नहीं लगाई जाती।

नेता विपक्ष पद को लेकर कांग्रेस में दरार, राहुल से मिलकर करेंगे दिल की बात

अहमदाबाद, शत्रुघ्न शर्मा। किसान संपर्क यात्रा से पहले गुजरात कांग्रेस में घमासान मच गया है, नेता विपक्ष पद को लेकर एक बार फिर दो दिग्गज विधायक व एक पूर्व सांसद ने कांग्रेस से अपनी नाराजगी जताई है। राजकोट के कुंवरजी बावळिया व जामनगर के विक्रम माडम ने माना कि वे पार्टी में हो रहे फैसलों से खुश नहीं हैं। अपनी नाराजगी जताने के लिए वे दो दिन पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मिलने वाले थे लेकिन मुलाकात टल गई।अहमदाबाद, शत्रुघ्न शर्मा। किसान संपर्क यात्रा से पहले गुजरात कांग्रेस में घमासान मच गया है, नेता विपक्ष पद को लेकर एक बार फिर दो दिग्गज विधायक व एक पूर्व सांसद ने कांग्रेस से अपनी नाराजगी जताई है। राजकोट के कुंवरजी बावळिया व जामनगर के विक्रम माडम ने माना कि वे पार्टी में हो रहे फैसलों से खुश नहीं हैं। अपनी नाराजगी जताने के लिए वे दो दिन पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मिलने वाले थे लेकिन मुलाकात टल गई।  गुजरात कांग्रेस के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद कुंवरजी बावळिया ने मीडिया के समक्ष कहा कि नेता विपक्ष का पद नहीं मिलने से वे आलाकमान से नाराज हैं। गत मंगलवार को उनकी कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात तय थी जिसमें वे अपनी नारााजगी उनके समक्ष जताने वाले थे लेकिन किन्हीं कारणों से यह मुलाकात टल गई।  बावळिया ने राजकोट में अपने समाज की बैठक भी बुलाई है जिसमें ओबीसी समुदाय के अन्य विधायक भी शामिल होंगे। कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रदेश कांग्रेस व नेता विपक्ष दोनों ही पदों पर युवा चेहरे बिठा दिए जिससे पार्टी के वरिष्ठ नेता ठगे से महसूस कर रहे हैं। विधायक बावळिया व माडम दोनों सौराष्ट्र के दिग्गज नेता हैं तथा कांग्रेस के कट्टर समर्थक हैं। लेकिन अहम पदों पर युवा चेहरों के आ जाने से उनकी नाराजगी खुलकर बाहर आ गई। पूर्व सांसद जीवाभाई ने भी पार्टी के समक्ष अपनी नाराजगी जताई है।   तीन दिवसीय गुजरात दौरे पर राहुल, पीएम मोदी पर फिर साधा निशाना यह भी पढ़ें ने भी कहा है कि इस बार वे अपनी नाराजगी पार्टी आलाकमान के समक्ष उजागर करके ही रहेंगे। वरिष्ठ नेता होने के नाते नेता विपक्ष का पद उन्हें मिलना चाहिए था, माडम ने कहा कि वे कांग्रेस से 100 प्रतिशत नाराज हैं तथा राहुल गांधी के समक्ष अपनी बात रखेंगे।  गौरतलब है कि आलाकमान ने जातीय समीकरण के हिसाब नेता विपक्ष का पद पाटीदार समुदाय के युवा नेता परेश धनाणी को सौंप दिया वहीं पूर्व अध्यक्ष भरतसिंह सोलंकी के रिश्तेदार अमित चावडा को कांग्रेस का अध्यक्ष पद सौंप दिया जिससे पार्टी के कई वरिष्ठ व दिग्गज नेताओं में नाराजगी है।   गुजरात में राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर साधा निशाना यह भी पढ़ें पूर्व अध्यक्ष् अर्जुन मोढवाडिया ने कहा इन नेताओं से उनकी बात हुई है, मीडिया में उनकी बात तोड मरोडकर पेश की गई है, दोनों ही विधायक पार्टी के समर्पित नेता हैं। उधर प्रवक्ता मनीश दोशी ने कहा कि पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र है, सबको अपनी बात कहने का हक है। कांग्रेस पार्टी में भाजपा की तरह अपने नेताओं पर बोलने की पाबंदी नहीं लगाई जाती।

गुजरात कांग्रेस के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद कुंवरजी बावळिया ने मीडिया के समक्ष कहा कि नेता विपक्ष का पद नहीं मिलने से वे आलाकमान से नाराज हैं। गत मंगलवार को उनकी कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात तय थी जिसमें वे अपनी नारााजगी उनके समक्ष जताने वाले थे लेकिन किन्हीं कारणों से यह मुलाकात टल गई।

बावळिया ने राजकोट में अपने समाज की बैठक भी बुलाई है जिसमें ओबीसी समुदाय के अन्य विधायक भी शामिल होंगे। कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रदेश कांग्रेस व नेता विपक्ष दोनों ही पदों पर युवा चेहरे बिठा दिए जिससे पार्टी के वरिष्ठ नेता ठगे से महसूस कर रहे हैं। विधायक बावळिया व माडम दोनों सौराष्ट्र के दिग्गज नेता हैं तथा कांग्रेस के कट्टर समर्थक हैं। लेकिन अहम पदों पर युवा चेहरों के आ जाने से उनकी नाराजगी खुलकर बाहर आ गई। पूर्व सांसद जीवाभाई ने भी पार्टी के समक्ष अपनी नाराजगी जताई है।

ने भी कहा है कि इस बार वे अपनी नाराजगी पार्टी आलाकमान के समक्ष उजागर करके ही रहेंगे। वरिष्ठ नेता होने के नाते नेता विपक्ष का पद उन्हें मिलना चाहिए था, माडम ने कहा कि वे कांग्रेस से 100 प्रतिशत नाराज हैं तथा राहुल गांधी के समक्ष अपनी बात रखेंगे।

गौरतलब है कि आलाकमान ने जातीय समीकरण के हिसाब नेता विपक्ष का पद पाटीदार समुदाय के युवा नेता परेश धनाणी को सौंप दिया वहीं पूर्व अध्यक्ष भरतसिंह सोलंकी के रिश्तेदार अमित चावडा को कांग्रेस का अध्यक्ष पद सौंप दिया जिससे पार्टी के कई वरिष्ठ व दिग्गज नेताओं में नाराजगी है।

पूर्व अध्यक्ष् अर्जुन मोढवाडिया ने कहा इन नेताओं से उनकी बात हुई है, मीडिया में उनकी बात तोड मरोडकर पेश की गई है, दोनों ही विधायक पार्टी के समर्पित नेता हैं। उधर प्रवक्ता मनीश दोशी ने कहा कि पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र है, सबको अपनी बात कहने का हक है। कांग्रेस पार्टी में भाजपा की तरह अपने नेताओं पर बोलने की पाबंदी नहीं लगाई जाती। 

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