दिल्ली सरकार के उद्योग विभाग की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में प्रस्ताव रखा है कि एक करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं की योजना और समन्वय के लिए प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (पीएमजीएस-एनएमपी) पोर्टल का उपयोग किया जाए।
राजधानी में सड़क, फ्लाईओवर, सीवर, बिजली और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की योजना अब एकीकृत डिजिटल मंच पर बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। दिल्ली सरकार के उद्योग विभाग की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में प्रस्ताव रखा है कि एक करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं की योजना और समन्वय के लिए प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (पीएमजीएस-एनएमपी) पोर्टल का उपयोग किया जाए। इसके साथ ही सभी विभागों को पोर्टल पर पंजीकरण कराने, मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने और आवश्यक डेटा अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं।
उद्योग विभाग की ओर से बीते अप्रैल को आयोजित बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में बताया गया कि दिल्ली सरकार के विभागों को पीएम गति शक्ति प्लेटफॉर्म पर एकीकृत करने की प्रक्रिया तेज की जाएगी ताकि परियोजनाओं की योजना बनाते समय विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सके।
बैठक में यह भी तय किया गया कि दिल्ली के लिए 46 अनिवार्य डेटा लेयर तैयार की जाएंगी। इनमें सड़क नेटवर्क, जलापूर्ति, सीवर नेटवर्क, बिजली ढांचा, भूमि उपयोग, वन क्षेत्र, सार्वजनिक सुविधाएं और अन्य महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना संबंधी जानकारियां शामिल होंगी। इन डेटा लेयर के एक मंच पर उपलब्ध होने से परियोजनाओं की योजना बनाते समय विभिन्न विभाग वास्तविक स्थिति का आकलन कर सकेंगे।
एजेसियों के बीच नहीं होगी समन्वय की कमी
अधिकारियों का मानना है कि इससे सड़क निर्माण के बाद बार-बार खुदाई, विभिन्न एजेंसियों के कार्यों में टकराव तथा परियोजनाओं में होने वाली देरी जैसी समस्याओं को कम करने में मदद मिलेगी। वर्तमान में कई परियोजनाओं में विभागों के बीच समन्वय की कमी के कारण लागत और समय दोनों बढ़ जाते हैं। पोर्टल के इस्तेमाल से विभिन्न विभागों की परियोजनाओं की योजना एक ही मंच पर बन सकेगी।
इससे सड़क बनने के कुछ समय बाद पानी, सीवर, बिजली या गैस पाइपलाइन डालने के लिए बार-बार खुदाई की नौबत कम आएगी। परियोजना शुरू करने से पहले संबंधित विभाग यह देख सकेंगे कि उस क्षेत्र में कौन-कौन से नेटवर्क पहले से मौजूद हैं और भविष्य में कौन से काम प्रस्तावित हैं। इससे विभागों के बीच बेहतर समन्वय होगा, मंजूरी प्रक्रिया तेज होगी और लागत में वृद्धि की संभावना घटेगी।
बैठक में जियोस्पेशियल दिल्ली लिमिटेड (जीएसडीएल) को राज्य का डेटा मैनेजर बनाया गया है। जीएसडीएल विभिन्न विभागों से सूचनाएं प्राप्त कर उन्हें पोर्टल पर अपलोड करने और नियमित रूप से अपडेट रखने की जिम्मेदारी निभाएगा। विभागों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों से संबंधित आंकड़ों का सत्यापन कर निर्धारित प्रारूप में उपलब्ध कराएं।
क्या है पीएम गति शक्ति पोर्टल
प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान केंद्र सरकार का एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसे देश में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की बेहतर योजना और क्रियान्वयन के लिए विकसित किया है। इस पोर्टल पर सड़क, रेलवे, मेट्रो, बिजली, जलापूर्ति, गैस पाइपलाइन, दूरसंचार और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े जियोस्पेशियल डेटा को एक मंच पर उपलब्ध कराया जाता है।
इससे विभिन्न विभाग परियोजनाओं की योजना बनाते समय एक-दूसरे के नेटवर्क और प्रस्तावित कार्यों को देख सकते हैं। इसका उद्देश्य एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाना, परियोजनाओं में देरी और लागत वृद्धि को कम करना तथा डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया को मजबूत बनाना है।
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