दिल्ली मेट्रो के चौथे चरण में तैयार हुए नए कॉरिडोर और प्रस्तावित परियोजनाओं के साथ राजधानी का मेट्रो नेटवर्क केवल लंबाई में ही नहीं बढ़ेगा, बल्कि शहर का ट्रांजिट मैप भी नए स्वरूप में दिखेगा। उत्तर-पश्चिम, उत्तर और उत्तर-पूर्वी दिल्ली को जोड़ने वाले नए कॉरिडोर के कारण कई इलाकों के बीच यात्रा के लिए नई दिल्ली होकर जाने की जरूरत कम होगी।
इससे मेट्रो नेटवर्क पहले से ज्यादा व्यापक और प्रभावी हो जाएगा। रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली मेट्रो से जुड़ी पांच परियोजनाओं की सौगात देंगे। इसमें दीपाली चौक (पीतमपुरा) से मजलिस पार्क तक 9.92 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर और मजलिस पार्क से मौजपुर तक 12.31 किलोमीटर लंबा नया कॉरिडोर का उद्धाटन होगा वहीं तीन नए की आधारशिला रखी जाएगी।
मेट्रो के चौथे चरण के तहत दीपाली चौक (पीतमपुरा) से मजलिस पार्क तक 9.92 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर तैयार किया गया है। इस कॉरिडोर पर दीपाली चौक, मधुबन चौक, उत्तरी पीतमपुरा-प्रशांत विहार, हैदरपुर गांव, हैदरपुर बादली मोड़, भलस्वा और मजलिस पार्क सहित सात स्टेशन होंगे। इनमें मधुबन चौक, हैदरपुर बादली मोड़ और मजलिस पार्क इंटरचेंज स्टेशन होंगे।
इस विस्तार से पीतमपुरा, प्रशांत विहार और भलस्वा जैसे इलाकों को मजेंटा लाइन के जरिये सेंट्रल और दक्षिणी दिल्ली से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। इसी तरह मजलिस पार्क से मौजपुर तक 12.31 किलोमीटर लंबा नया कॉरिडोर तैयार हो चुका है। इस कॉरिडोर के शुरू होने से बुराड़ी, जगतपुर, सोनिया विहार, भजनपुरा और खजूरी खास जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों को पहली बार बड़े पैमाने पर मेट्रो नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इससे उत्तर और उत्तर-पूर्वी दिल्ली के बीच आवागमन अधिक तेज और सुगम होने की उम्मीद है।
ऐसे बदलेगा शहर का मेट्रो नक्शा
मेट्रो नेटवर्क के विस्तार के बाद कई इलाकों के बीच यात्रा का स्वरूप बदल जाएगा। उदाहरण के तौर पर पीतमपुरा और प्रशांत विहार से दक्षिणी दिल्ली जाने वाले यात्रियों को अभी कई बार केंद्रीय दिल्ली के बड़े इंटरचेंज स्टेशनों से होकर जाना पड़ता है, लेकिन मजेंटा लाइन के विस्तार के बाद यह यात्रा अधिक सीधी और कम समय में पूरी हो सकेगी।
बुराड़ी, सोनिया विहार और भजनपुरा जैसे इलाकों से अभी मेट्रो तक पहुंचने के लिए बस या सड़क मार्ग पर निर्भरता अधिक है। नए कॉरिडोर के बाद इन क्षेत्रों के यात्री सीधे मेट्रो नेटवर्क से जुड़ सकेंगे। नोएडा और फरीदाबाद से एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को फिलहाल कई बार अलग-अलग लाइनों में बदलाव करना पड़ता है। गोल्डन लाइन के प्रस्तावित कॉरिडोर बनने के बाद इन क्षेत्रों से एयरपोर्ट तक पहुंचने का सफर अधिक सुविधाजनक हो जाएगा।
सेंट्रल विस्टा क्षेत्र को भी मिलेगा नया कनेक्शन
आगामी चरण में बनने वाला आरके आश्रम मार्ग–इंद्रप्रस्थ कॉरिडोर सेंट्रल विस्टा क्षेत्र से होकर गुजरेगा। इस पर आरके आश्रम मार्ग, शिवाजी स्टेडियम, केंद्रीय सचिवालय, कर्तव्य भवन, बड़ौदा हाउस, इंडिया गेट, वार मेमोरियल-हाई कोर्ट, भारत मंडपम और इंद्रप्रस्थ सहित नौ स्टेशन प्रस्तावित हैं। इससे केंद्रीय सचिवालय, इंडिया गेट और भारत मंडपम जैसे प्रमुख प्रशासनिक व आयोजन स्थलों तक मेट्रो की सीधी पहुंच संभव होगी।
एयरपोर्ट और दक्षिण-पूर्वी दिल्ली को भी मिलेगा फायदा
गोल्डन लाइन पर बनने वाले नए कॉरिडोर दक्षिण और दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के साथ एयरपोर्ट कनेक्टिविटी को भी मजबूत करेंगे। एरोसिटी से एयरपोर्ट टर्मिनल-1 तक लगभग 2.26 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर से हवाई यात्रियों को टर्मिनलों के बीच आवाजाही में सुविधा मिलेगी।
वहीं तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज तक प्रस्तावित 3.9 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर दक्षिणी दिल्ली, नोएडा और फरीदाबाद के बीच कनेक्टिविटी को और बेहतर करेगा। विशेषज्ञों के अनुसार इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क पारंपरिक रेडियल मॉडल से आगे बढ़कर अधिक संतुलित और बहुदिशीय स्वरूप लेता दिखाई देगा। इससे शहर के अलग-अलग हिस्सों के बीच यात्रा का समय घटेगा और एनसीआर से आने-जाने वाले यात्रियों के लिए भी मेट्रो अधिक प्रभावी परिवहन विकल्प बन सकेगी।
प्रमुख नए कॉरिडोर
दीपाली चौक (पीतमपुरा)–मजलिस पार्क
लंबाई: 9.92 किमी
स्टेशन: 7
मजलिस पार्क–मौजपुर
लंबाई: 12.31 किमी
स्टेशन: 10
आरके आश्रम मार्ग–इंद्रप्रस्थ (प्रस्तावित)
लंबाई: लगभग 9.9 किमी
स्टेशन: 9
एरोसिटी–एयरपोर्ट टर्मिनल-1 (प्रस्तावित)
लंबाई: 2.26 किमी
स्टेशन: 2
तुगलकाबाद–कालिंदी कुंज (प्रस्तावित)
लंबाई: 3.9 किमी
स्टेशन: 3
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