जी-20 शिखर सम्मेलन की सफल मेजबानी के बाद अब मई और जून में दिल्ली दो बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों, चौथा भारत-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन (आईएएफएस-2026) और पहला इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस (आईबीसीए) शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगी।
देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर वैश्विक कूटनीति और हाई-सिक्योरिटी प्रबंधन का केंद्र बनने जा रही है। जी-20 शिखर सम्मेलन की सफल मेजबानी के बाद अब मई और जून में दिल्ली दो बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों, चौथा भारत-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन (आईएएफएस-2026) और पहला इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस (आईबीसीए) शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगी। इन आयोजनों के लिए दिल्ली पुलिस ने अभूतपूर्व सुरक्षा योजना तैयार की है, जिसके तहत राजधानी की सड़कों पर 1157 सफेद एसयूवी सुरक्षा कवच के रूप में तैनात रहेंगी।
दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था में एकरूपता बनाए रखने के लिए इस बार सिर्फ सफेद रंग की एसयूवी स्कॉर्पियो, अर्टिगा और बोलेरो को चुना है। अधिकारियों के अनुसार, एक जैसे रंग और मॉडल की गाड़ियों से सुरक्षा काफिले की पहचान आसान होगी और संचालन में बेहतर समन्वय बनाया जा सकेगा। पूरे ऑपरेशन को तीन हिस्सों में बांटा गया है। सबसे बड़ा हिस्सा सुरक्षा इकाई का होगा, जिसके लिए 870 एसयूवी तैनात की जाएंगी। ये गाड़ियां 17 मई से 2 जून तक विदेशी मेहमानों और वीवीआईपी काफिलों की सुरक्षा में लगेंगी। वहीं, वीआईपी मूवमेंट के दौरान राजधानी में ट्रैफिक व्यवस्था संभालने के लिए 239 एसयूवी ट्रैफिक यूनिट को दी जाएंगी। इसके अलावा, आयोजन स्थलों और आसपास के इलाकों की निगरानी के लिए नई दिल्ली जिले को 48 अतिरिक्त गाड़ियां आवंटित की गई हैं।
ड्राइवरों और वाहनों की निगरानी बहुस्तरीय तरीके से होगी
इस पूरी व्यवस्था की सबसे अहम कड़ी करीब 2300 ड्राइवर होंगे। दिल्ली पुलिस ने हर गाड़ी के लिए दो ड्राइवर अनिवार्य किए हैं ताकि 24 घंटे निर्बाध ड्यूटी सुनिश्चित की जा सके। ड्राइवरों के लिए साफ वर्दी, अनुशासित व्यवहार और सतर्कता अनिवार्य होगी। सुरक्षा व्यवस्था में शामिल इन ड्राइवरों और वाहनों की निगरानी बहुस्तरीय तरीके से की जाएगी। सभी ड्राइवरों का सत्यापन पहले से किया जाएगा और उनकी पहचान संबंधी रिकॉर्ड दिल्ली पुलिस के पास रहेगा।
ड्यूटी के दौरान उनकी गतिविधियों, तय रूट और समय पालन पर लगातार नजर रखी जाएगी। किसी भी वाहन के निर्धारित मार्ग से हटने, अनुशासनहीनता या संदिग्ध गतिविधि मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। वहीं साथ ही ड्यूटी शुरू होने से पहले सभी वाहनों के स्पीडोमीटर दिल्ली पुलिस की तकनीकी टीम द्वारा सील किए जाएंगे, ताकि मूवमेंट का सटीक रिकॉर्ड रखा जा सके। इन गाड़ियों पर दिल्ली पुलिस का आधिकारिक लोगो नहीं होगा, बल्कि केवल ऑन पुलिस ड्यूटी बोर्ड लगाया जाएगा।
दोनों सम्मेलन हैं बेहद अहम…
इन दोनों सम्मेलनों को भारत की वैश्विक कूटनीतिक और पर्यावरणीय रणनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। भारत-अफ्रीका फोरम जहां अफ्रीकी देशों के साथ रणनीतिक संबंधों को मजबूत करेगा, वहीं इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस के जरिए भारत वन्यजीव संरक्षण के वैश्विक एजेंडे में अपनी नेतृत्वकारी भूमिका दिखाएगा। दिल्ली पुलिस की तैयारी का मकसद यही है कि दुनिया भर से आने वाले प्रतिनिधियों को राजधानी में सुरक्षित, संगठित और आधुनिक व्यवस्था का अनुभव मिले।
फैक्ट बॉक्स : सुरक्षा व्यवस्था एक नजर में
कुल 1157 सफेद एसयूवी तैनात होंगी
स्कॉर्पियो, अर्टिगा और बोलेरो मॉडल शामिल
870 गाड़ियां सुरक्षा यूनिट के लिए
239 गाड़ियां ट्रैफिक यूनिट को
नई दिल्ली जिले को 48 अतिरिक्त एसयूवी
प्रति गाड़ी दो ड्राइवर तैनात
सभी वाहन 2020 या उसके बाद के मॉडल
स्पीडोमीटर सीलिंग और व्यवहार निगरानी अनिवार्य
Live Halchal Latest News, Updated News, Hindi News Portal