तुर्किए की संसद बन गई ‘अखाड़ा’, राष्ट्रपति एर्दोगन के मंत्री के शपथ से नाराज सांसदों का बवाल

तुर्किए की संसद में बुधवार को राष्ट्रपति एर्दोगन द्वारा विवादास्पद अकिन गुरलेक को न्याय मंत्री नियुक्त करने पर भारी हंगामा हुआ। विपक्षी सांसदों ने गुरलेक को शपथ लेने से रोकने की कोशिश की, जिसके बाद सत्ताधारी और विपक्षी सांसदों के बीच मारपीट हो गई। सदन में अफरा-तफरी मच गई और बैठक 15 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी। बाद में गुरलेक को सत्ताधारी पार्टी के सदस्यों की सुरक्षा में शपथ दिलाई गई।

तुर्किए की संसद में बुधवार को मारपीट की नौबत आ गई। सदन में ही लात-घुसे चलने लगे और पूरे सदन में अफरा-तफरी मच गया। यह सब इसलिए हुआ क्योंकि राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगन ने विवादास्पद व्यक्ति अकिन गुरलेक को न्याय मंत्री नियुक्त किया था।

इसी से नाराज विपक्षी सांसदों ने गुरलेक को शपथ दिलाने से रोकने की कोशिश की। इसके बाद सत्ताधारी पार्टी के सदस्यों ने उन्हें घेर लिया और झड़प शुरू हो गई।

वीडियो में दिखा मारपीट का नजारा
वीडियो फुटेज में साफ दिख रहा है कि सांसद एक-दूसरे को धक्का दे रहे थे, मुक्के मार रहे थे और कुछ ने पैर से मारा। सदन में हंगामा इतना बढ़ गया कि स्पीकर को बैठक 15 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी। ब्रेक के बाद गुरलेक को सत्ताधारी पार्टी के सांसदों के घेरे में रखकर शपथ दिलाई गई।

यह तनाव तब भड़की जब विपक्षी सांसद, खासकर मुख्य विपक्षी पार्टी रिपब्लिकन पीपुल्स पार्टी (सीएचपी) के सदस्य, पोडियम के पास इकट्ठा हो गए और गुरलेक को शपथ लेने से रोकने की कोशिश की।

सत्ताधारी जस्टिस एंड डेवलपमेंट पार्टी (एके पार्टी) के सांसदों ने तुरंत आगे बढ़कर अपने नामित मंत्री की रक्षा की। धक्का-मुक्की से बात शुरू हुई और जल्द ही मुक्केबाजी में बदल गई। कई रिपोर्टों में बताया गया कि एक सत्ताधारी सांसद ने विपक्षी सदस्य पर मुक्का मारा, जिससे उसका नाक से खून बहने लगा। पूरा सदन शोर और उन्माद से भर गया।

गुरलेक की नियुक्ति क्यों विवादास्पद है?
अकिन गुरलेक पहले इस्तांबुल के मुख्य लोक अभियोजक थे। इस पद पर रहते हुए उन्होंने विपक्षी पार्टी सीएचपी के कई नेताओं और सदस्यों के खिलाफ बड़े-बड़े मामले चलाए थे। विपक्ष का आरोप है कि ये मामले राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित थे और सरकार के आलोचकों को कमजोर करने के लिए इस्तेमाल किए गए।

विपक्षी नेता कहते हैं कि गुरलेक की न्याय मंत्री बनने से न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर और गहरा संकट आएगा। वे इसे लोकतंत्र और कानून के शासन के लिए खतरा मानते हैं। गुरलेक पर आरोप है कि उन्होंने राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाया, जिससे उनकी नियुक्ति पर भारी विरोध हुआ।

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com