ट्रंप की धमकी के बाद ईरान ने दी सीधी चुनौती

अमेजन की क्लाउड सुविधा पर ईरानी हमले की रिपोर्ट आने के एक दिन बाद ईरान ने क्षेत्र में संचालित सभी सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) कंपनियों को निशाना बनाने की चेतावनी दी है।

ईरान के खातम अल-अंबिया मुख्यालय के प्रवक्ता ने एक वीडियो संदेश में कहा कि अगर अमेरिका ईरान के पावर प्लांट सुविधाओं पर हमले की धमकी को अमल में लाया तो जवाबी कार्रवाई में जियोनिस्ट रिजीम के सभी पावर प्लांट, ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर और सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों के साथ-साथ क्षेत्र में अमेरिकी शेयरधारकों वाली समान कंपनियों का पूरा तरह से तहस-नहस कर देंगे।

Google पर लगाया बड़ा आरोप

वीडियो में स्क्रीन पर टेक्स्ट दिखाया गया कि Google द्वारा छिपाए जाने के बावजूद कुछ भी हमारी नजरों से छिपा नहीं है। इसके बाद संदेश में यूएई में स्थित स्टारगेट प्रोजेक्ट की लोकेशन को हाइलाइट किया गया, जिसे एक बड़े एआई कंप्यूटिंग क्लस्टर के रूप में वर्णित किया गया।

वीडियो में इस प्रोजेक्ट से जुड़ी प्रमुख अमेरिकी कंपनियों के सीईओ की तस्वीरें भी दिखाई गईं, जिनमें एनवीडिया, ओपनएआई, माइक्रोसॉफ्ट और गोल्डमैन सैक्स शामिल हैं।

अमेजन को ईरानी हमले से नुकसान

फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार को बहरीन में अमेजन की क्लाउड ऑपरेशंस को ईरानी हमले में नुकसान पहुंचा था। बहरीन के आंतरिक मंत्रालय ने बताया कि सिविल डिफेंस टीमें ईरानी आक्रामकता के परिणामस्वरूप एक कंपनी की सुविधा में लगी आग को बुझा रही थीं।

अमेजन वेब सर्विसेज (AWS) ने पिछले महीने भी बहरीन में अपने क्लाउड आर्म को संघर्ष के कारण व्यवधान का सामना करने की पुष्टि की थी।

यह विकास ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की पिछली चेतावनियों के अनुरूप है। IRGC ने पहले ही मध्य पूर्व में संचालित अमेरिकी कंपनियों को निशाना बनाने की धमकी दी थी, जिसमें माइक्रोसॉफ्ट, एप्पल, गूगल और मेटा शामिल हैं।

कंपनियों पर अमेरिकी सरकार के लिए जासूसी का आरोप

मार्च में जारी एक टेलीग्राम संदेश में IRGC ने इन कंपनियों पर अमेरिकी सरकार के लिए जासूसी करने और हमलों में सहायता करने का आरोप लगाया था। इसमें कहा गया था, “चूंकि आतंकवादी लक्ष्यों को डिजाइन और ट्रैक करने में अमेरिकी आईसीटी और एआई कंपनियां मुख्य भूमिका निभाती हैं। अब से आतंकवादी ऑपरेशंस में प्रभावी मुख्य संस्थान हमारे वैध लक्ष्य होंगे।

IRGC ने 18 अमेरिकी कंपनियों की एक सूची जारी की थी, जिसमें प्रौद्योगिकी और वित्तीय क्षेत्र की प्रमुख फर्में शामिल थीं। ईरान इन कंपनियों को अमेरिका-इजरायल के आतंकवादी ऑपरेशंस में सहयोगी मानता है, खासकर एआई और डेटा ट्रैकिंग के माध्यम से।
क्षेत्रीय तनाव बढ़ने के साथ ही मध्य पूर्व में अमेरिकी तकनीकी कंपनियों की भारी उपस्थिति अब युद्ध का नया मोर्चा बनती दिख रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले से बैंकिंग, पेमेंट सिस्टम और अन्य सेवाओं पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com