हमारे देश की बड़ी आबादी दूध के कारोबार से जुड़ी है। खासतौर पर ग्रामीण इलाकों में ज्यादातर छोटे डेयरी कारोबारी होते हैं। अब हिमाचल प्रदेश सरकार ने छोटे दूध व्यापारियों के लिए बड़ा फैसला लिया है। हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ (Milkfed) ने खरीद प्रक्रिया में बदलाव करते हुए, हर एक डेयरी उत्पादक से रोजाना 20 लीटर दूध खरीद की सीमा तय करने का फैसला किया है।
किसे होगा फायदा?
हिमाचल प्रदेश में मिल्कफेड की ओर से सभी दूध उत्पादकों से 20 लीटर दूध खरीदने की सीमा तय की गई है। एक आधिकारिक प्रवक्ता ने मीडिया को बताया कि छोटे डेयरी फार्मर्स को लाभ देने के लिए ये प्लान बनाया गया है, 20 लीटर खरीद सीमा तय करने की बात पर उन्होंने जोर देते हुए कहा कि, सरकार की ओर से बढ़ाई गई MSP का लाभ केवल बड़े डेयरी फार्मर्स तक सीमित ना रह जाए इसलिए ये फैसला लिया गया है।
दूध में बढ़ाई गई तगड़ी MSP
सरकार के इस फैसले के साथ ही प्रवक्ता ने जानकारी दी कि हिमाचल प्रदेश में लगातार दूध उत्पादकों को फायदा पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार की ओर से गाय और भैंस के दूध में मिलने वाली MSP पर भी ऐतिहासिक बढ़ोतरी हुई है। हिमाचल प्रदेश में गाय के दूध की MSP ₹32 से बढ़ाकर ₹61 प्रति लीटर हो गई है। इसी तरह भैंस के दूध में MSP ₹47 प्रति लीटर से बढ़ाकर ₹61 प्रति लीटर हो गई है।
दूध कलेक्शन में भी हुई बढ़ोतरी
प्रवक्ता ने बताया कि राज्य में लगातार दूध उत्पादन करने वाले किसानों और पशुपालकों को सपोर्ट किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि लगातार बढ़ रही दूध की कीमतों के कारण पिछले दो सालों में सहकारी प्रणाली में भाग लेने वाले डेयरी फार्मर्स की संख्या 28,645 से बढ़कर 42,500 हो गई है। वहीं बीते 2 सालों में दूध के कलेक्शन में भी तेजी आई है, रोजाना 1.57 लाख लीटर दूध कलेक्शन से बढ़कर 2.20 लाख लीटर प्रतिदिन हो गया है।
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