कैंसर के इलाज के दौरान बच्चों की डाइट कैसी होनी चाहिए?

कैंसर का इलाज, खासतौर से कीमोथेरेपी और रेडिएशन बच्चे के शरीर पर बहुत गहरा प्रभाव डालते हैं। इसलिए इस दौरान सही पोषण केवल पेट भरने का जरिया नहीं, बल्कि इलाज का एक अहम हिस्सा बन जाता है।

हेल्दी और बैलेंस्ड डाइट बच्चे की इम्युनिटी को बनाए रखने, मांसपेशियों के डैमेज को रोकने और इलाज के साइड इफेक्ट्स को कम करने में मदद करती है। आइए डॉ. नेहा गर्ग (सीनियर कंसल्टेंट एंड हेड, मेडिकल ऑन्कोलॉजी, एंड्रोमेडा कैंसर हॉस्पिटल, सोनीपत) से जानते हैं कि कैंसर के इलाज के दौरान बच्चे की डाइट कैसी होनी चाहिए।

स्वच्छता और घर का बना खाना
कैंसर के इलाज के दौरान बच्चे की इम्युनिटी बहुत कम हो जाती है, जिससे इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए हमेशा ताजा बना हुआ खाना ही खिलाएं। रखा हुआ या बासी खाना इन्फेक्शन की वजह बन सकता है। साथ ही, बाहर के खाने से परहेज करें। स्ट्रीट फूड, कच्ची सलाद, अनपेश्चराइज्ड दूध और खुले में बिकने वाले जूस से पूरी तरह बचें। फल और सब्जियों को अच्छी तरह धोएं और खाना बनाने वाले के हाथों की स्वच्छता का खास ध्यान रखें।

प्रोटीन और ऊर्जा का संतुलन
शरीर के सेल्स की मरम्मत के लिए प्रोटीन सबसे जरूरी है। खाने में दालें, पनीर, सोयाबीन, टोफू, दूध और दही को शामिल करें। अगर बच्चा मांसाहारी है, तो अच्छी तरह पका हुआ अंडा या उबला हुआ नरम चिकन दिया जा सकता है। कार्बोहाइड्रेट्स के लिए खिचड़ी, दलिया, चावल और साबूदाना खिलाएं। ये एनर्जी के अच्छे सोर्स हैं और पचाने में भी आसान होते हैं।

कम मसालेदार और आसानी से पचने वाला खाना
कीमोथेरेपी के कारण अक्सर बच्चों के मुंह में छाले हो जाते हैं या जी मिचलाने की समस्या रहती है। अगर गले या मुंह में दर्द है, तो मैश किया हुआ खाना जैसे कि दाल-चावल, कस्टर्ड, सूप या मैश किया हुआ केला दें। ज्यादा तेल, मिर्च और मसालों वाला खाना पेट में जलन पैदा कर सकता है।

छोटे-छोटे पोर्शन में खाना दें
इलाज के दौरान बच्चा एक बार में ज्यादा नहीं खा पाता। इसलिए उसे दिन में तीन बड़े मील देने के बजाय हर 2 से 3 घंटे में छोटी-छोटी मात्रा में कुछ खिलाएं। इससे पाचन तंत्र पर दबाव नहीं पड़ता और शरीर को लगातार पोषण मिलता रहता है।

हाइड्रेशन
शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालने के लिए पानी बहुत जरूरी है। उबला हुआ और ठंडा किया हुआ पानी ही पिलाएं। नारियल पानी, घर में बना ताजा सूप और पतला छाछ हाइड्रेशन बनाए रखने में मदद करते हैं। पैकेज्ड जूस या कोल्ड ड्रिंक्स से बचें क्योंकि उनमें शुगर की मात्रा बहुत ज्यादा होती है।

माता-पिता के लिए कुछ जरूरी सुझाव
इलाज के दौरान बच्चा चिड़चिड़ा हो सकता है या उसे खाने का स्वाद कड़वा लग सकता है। ऐसी स्थिति में-

जबरदस्ती न खिलाएं- बच्चे को जबरदस्ती खाना खिलाने की कोशिश न करें। उसे जो उसे अच्छा लगे, उसे ही स्वस्थ तरीके से बनाकर दें।
काउंसलिंग और सलाह- डाइट में कोई भी बड़ा बदलाव करने से पहले अपने ऑन्कोलॉजिस्ट या डाइटिशियन से जरूर बात करें।

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com