कनाडा के नए इमिग्रेशन प्लान में नए प्रवासियों पर सख्ती

कनाडा ने साफ संकेत दिया है कि वह अपने आव्रजन नियमों में ढील देने की जल्दबाजी में नहीं है। इमिग्रेशन लेवल्स प्लान 2027–2029 के अनुसार, नए अस्थायी निवासियों यानी टेम्परेरी रेजिडेंट्स का सालाना प्रवेश 3.70 लाख पर स्थिर रखा गया है।

इसमें 2.20 लाख विदेशी कर्मचारी और 1.50 लाख अंतरराष्ट्रीय छात्र शामिल हैं। इसके साथ ही स्थायी निवास यानी पीआर का वार्षिक लक्ष्य भी 3.80 लाख पर बरकरार रखा गया है।

बजट 2026 के तहत घोषित इस नीति का मुख्य मकसद 2027 के अंत तक देश की कुल आबादी में अस्थायी निवासियों की हिस्सेदारी को घटाकर 5% से नीचे लाना है। इसके अतिरिक्त, स्थायी निवासियों के प्रवेश को कुल आबादी के 1% से कम रखने का फैसला किया गया है, ताकि देश में आवास, स्वास्थ्य और बुनियादी सेवाओं पर पड़ रहे दबाव को कम किया जा सके।

कनाडा में पहले से मौजूद लोगों के लिए 2 लाख PR का प्रावधान
इस घोषणा की सबसे बड़ी बात 2027 में लागू होने वाला एक विशेष समयबद्ध अवसर है। इसके तहत कनाडा में पहले से रह रहे 2 लाख लोगों को स्थायी निवासी बनने का रास्ता दिया जाएगा। इसे दो प्रमुख हिस्सों में बांटा गया है।

पहले हिस्से में 1 लाख सीटें उन कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए होंगी जो प्रोविंशियल नॉमिनी प्रोग्राम (पीएनपी) या चुनिंदा संघीय कार्यक्रमों की पात्रता पूरी करते हैं। बाकी 1 लाख सीटें मानवीय आधार, हांगकांग और यूक्रेन के विशेष मार्गों तथा कनाडा में मौजूद नागरिकों के जीवनसाथी और बच्चों के पारिवारिक पुनर्मिलन के लिए रखी गई हैं।

विदेशी कामगारों के लिए कड़ा मुकाबला
सालाना 2.20 लाख नए विदेशी कर्मचारियों में से 1.70 लाख इंटरनेशनल मोबिलिटी प्रोग्राम (आईएमपी) के तहत आएंगे, जिन्हें LMIA की छूट होती है। वहीं केवल 50,000 कर्मचारी ही टेम्परेरी फॉरेन वर्कर प्रोग्राम के जरिए आएंगे, जिनके लिए LMIA अनिवार्य है।

विशेषज्ञों का मानना है कि देश के भीतर मौजूद अस्थायी कर्मचारियों के बीच पीआर हासिल करने की प्रतिस्पर्धा काफी बढ़ जाएगी। अनुमान के मुताबिक, मौजूद अस्थायी कामगारों में से केवल 20 से 25 प्रतिशत लोग ही अपने परमिट खत्म होने से पहले पीआर पा सकेंगे। ऐसे में हेल्थकेयर, स्किल्ड ट्रेड्स और ज्यादा वेतन वाले पेशों से जुड़े लोगों को ही प्राथमिकता मिलेगी।

अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए सीमित अवसर
अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए वार्षिक प्रवेश सीमा 1.50 लाख पर सीमित रखी गई है। इससे साफ है कि कनाडा अब पहले की तरह भारी संख्या में विदेशी छात्रों को बुलाने के पक्ष में नहीं है।

विशेषज्ञों के अनुसार, कनाडा में सिर्फ पढ़ाई करने से पीआर मिलने का रास्ता पक्का नहीं होगा। छात्रों को अब ऐसे क्षेत्रों और डिग्रियों पर ध्यान देना होगा जो कनाडा की अर्थव्यवस्था और श्रम बाजार की प्राथमिकताओं से सीधे मेल खाते हों।

प्रांतीय कोटा और फ्रेंच भाषा को बढ़ावा
सालाना 3.80 लाख पीआर में से 64 प्रतिशत यानी लगभग 2.4 लाख सीटें आर्थिक श्रेणी के लिए आरक्षित हैं। इसमें राज्यों की भूमिका मजबूत करने के लिए प्रोविंशियल नॉमिनी प्रोग्राम (पीएनपी) का कोटा बढ़ाकर 95,000 कर दिया गया है, जबकि फेडरल हाई-स्किल्ड श्रेणी में 1 लाख सीटें रखी गई हैं।

इसके साथ ही, क्यूबेक से बाहर फ्रेंच बोलने वाले स्थायी निवासियों का अनुपात 2027 के 9.5% से बढ़ाकर 2029 तक 12% करने का लक्ष्य है। इसका सीधा अर्थ है कि फ्रेंच भाषा का अच्छा ज्ञान रखने वाले आवेदकों को चयन में भारी बढ़त मिलेगी।

भारतीय आवेदकों के लिए मुख्य बातें
यह पूरी नीति दर्शाती है कि कनाडा अब भारी संख्या में लोगों को बुलाने के बजाय देश में पहले से मौजूद कुशल प्रतिभाओं को रोकने पर जोर दे रहा है। भारतीय छात्रों और कामगारों के लिए सीधी सलाह यही है कि वे केवल प्रवेश पर निर्भर न रहें।

स्थायी निवास के लिए स्थानीय कार्य अनुभव, राज्यों की जरूरत के हिसाब से कौशल और फ्रेंच भाषा सीखने जैसे विकल्पों को अपनी रणनीति में शामिल करना अब अनिवार्य हो चुका है।

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