केंद्र सरकार ने 2026-27 आपूर्ति वर्ष के लिए एथेनॉल उत्पादन में चीनी के इस्तेमाल पर रोक लगाने का निर्देश दिया है।
इसके तहत तेल विपणन कंपनियों की नई निविदा में गन्ने के रस, चीनी सिरप और बी-हैवी शीरे से बने एथेनॉल को शामिल नहीं किया गया है।
शुक्रवार को जारी निविदा के अनुसार, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने नवंबर से शुरू होने वाले आपूर्ति वर्ष के लिए 1,100 करोड़ लीटर एथेनॉल की खरीद हेतु बोलियां आमंत्रित की हैं।
अब उत्पादक मक्का, टूटे चावल और भारतीय खाद्य निगम के अतिरिक्त चावल से एथेनॉल बनाने के लिए बोली लगा सकेंगे।
कम बारिश के कारण महाराष्ट्र और कर्नाटक में गन्ना उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। इससे चीनी की कीमतों पर दबाव बढ़ा है।
सरकार घरेलू चीनी आपूर्ति बढ़ाने और कीमतों को नियंत्रित करने के उद्देश्य से यह कदम उठा रही है। भारत ने इस वर्ष देशभर में पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनाल मिश्रण (ई20) अनिवार्य किया है, ताकि तेल आयात घटाया जा सके और प्रदूषण पर नियंत्रण हो।
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