एअर इंडिया हादसे में उजड़ा परिवार, अब UK से डिपोर्ट होने का खतरा

एअर इंडिया फ्लाइट हादसे में अपनी पत्नी और 2 साल की बेटी को खोने के बाद, धीरे-धीरे मोहम्मदमिया सेठवाला ने अपनी जिंदगी फिर से शुरू ही की थी। इस बीच एक नई परेशानी उनके सामने आ गई। जानकारी के अनुसार, 28 साल के मोहम्मदमिया सेठवाला जो कि भारतीय मूल के निवासी है, अब यूनाइटेड किंगडम में रहने की लड़ाई लड़ रहे है।

दरअसल, गुजरात के वडोदरा के रहने वाले मोहम्मदमिया सेठवाला को 9 अप्रैल को UK के गृह मंत्रालय (Home Office) ने बताया कि मानवीय आधार पर देश में रहने के लिए उनका आवेदन खारिज कर दिया गया है। अधिकारियों ने उन्हें 22 अप्रैल तक इमिग्रेशन बेल पर रखा है, और उन्हें उसके बाद UK छोड़ने का निर्देश दिया है। सेठवाला 2022 में अपनी पत्नी सादिका के डिपेंडेंट वीजा पर UK आए थे। सादिका वहां इंटरनेशनल बिजनेस मैनेजमेंट की पढ़ाई कर रही थी।

वहीं, उसकी पढ़ाई पूरी होने के बाद यह जोड़ा रग्बी में बस गया; जहां सादिका को नौकरी मिल गई थी और वह वर्क परमिट पाने की राह पर थी। इस बीच 12 जून, 2025 को अचानक सब खत्म हो गया, जब अहमदाबाद से लंदन जाने वाली फ्लाइट उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद क्रैश हो गई। इस हादसे में मारे गए 241 लोगों में सादिका और उनकी छोटी बेटी फातिमा भी शामिल थी।

मेरे पास अब कुछ नहीं बचा: सेठवाला

अपनी आपबीती सुनाते हुए सेठवाला ने बताया कि जिस दिन हादसा हुआ, उस दिन वह सुबह की शिफ्ट में काम कर रहे थे, ताकि वह अपने परिवार को एयरपोर्ट लेने जा सकें। ‘द सन’ से बात करते हुए उन्होंने कहा, “मुझे लगा कि यह कोई दूसरी फ्लाइट होगी। यह उनकी फ्लाइट नहीं हो सकती, लेकिन अफसोस कि यह उन्हीं की थी।”

इस दुखद घटना ने न सिर्फ उनके परिवार को उनसे छीन लिया, बल्कि UK में उनके कानूनी तौर पर रहने का आधार भी खत्म कर दिया। उनका डिपेंडेंट वीजा इसी साल की शुरुआत में खत्म हो गया था, और उसके बाद नया वीजा या नौकरी के लिए स्पॉन्सरशिप पाने की उनकी सारी कोशिशें नाकाम रहीं।

दुख और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं से जूझ रहे सेठवाला का कहना है कि भारत लौटना उनके लिए कोई विकल्प नहीं है, क्योंकि वह भावनात्मक रूप से इस सदमे को झेल नहीं पाएंगे। उन्होंने ‘द सन’ से आगे कहा: “मेरे पास अब कुछ नहीं बचा। घर लौटकर मैं अपने इस दुख से कभी उबर नहीं पाऊंगा। लेकिन यहां रहकर मैं अपनी जिंदगी में आगे बढ़ने की शुरुआत कर सकता हूं।”

एक अंतिम कानूनी लड़ाई और लड़ेंगे सेठवाला

अब सेठवाला की कानूनी टीम UK की अदालत में गृह मंत्रालय के फैसले को चुनौती देने की तैयारी कर रही है। उनकी कोशिश है कि इमिग्रेशन बेल के आदेश को रद्द करवा दिया जाए। अगर वे इसमें कामयाब हो जाते हैं, तो उन्हें नए सिरे से वीजा के लिए आवेदन करने का मौका मिल सकता है।

उनके मामले को लेकर एक्टिविस्ट और प्रवासी अधिकारों के लिए काम करने वाले ग्रुप ने इसकी आलोचना की है। उनका कहना है कि, खास मानवीय परिस्थितियों को देखते हुए नरमी बरती जानी चाहिए। हालांकि, गृह मंत्रालय ने साफ किया है कि सभी आवेदनों की जांच मौजूदा इमिग्रेशन नियमों के मुताबिक ही की जाती है।

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