सहकारी संस्थाओं की आर्थिक स्थिति सशक्त होगी। सहकारी समितियों के लाभांश से तीस प्रतिशत टीडीएस कटता था। तीन साल तक कर छूट से आय सीधे सदस्य समितियों तक पहुंचेगी
केंद्रीय बजट में सरकार ने सहकारी क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राष्ट्रीय सहकारी संघों को कंपनियों में किए गए निवेश से मिलने वाले लाभांश पर तीन वर्षों तक कर-छूट देने का प्रस्ताव है। इससे सहकारी संस्थाओं की आर्थिक स्थिति सशक्त होगी।
प्रबंध निदेशक सहकारिता आनंद शुक्ला के मुताबिक पिछले काफी समय से इसकी मांग की जा रही थी। सहकारी समितियों के लाभांश से तीस प्रतिशत टीडीएस कटता था। तीन साल तक कर छूट से आय सीधे सदस्य समितियों तक पहुंचेगी, जो अपने सदस्यों को बेहतर सेवाएं, अधिक अवसर और आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर सकेंगी। इससे किसानों, श्रमिकों, छोटे व्यापारियों और ग्रामीण समुदायों को सीधा लाभ मिलेगा।
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