उत्तराखंड: राजीव गांधी नवोदय विद्यालय की 17 छात्राओं को अचानक उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत…

शिकारपुर स्थित राजीव गांधी नवोदय विद्यालय की 17 छात्राओं की तबीयत देर रात अचानक बिगड़ गई। छात्राओं को पेट दर्द, उल्टी और दस्त के साथ बुखार की शिकायत थी। छात्राओं को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। वहीं छह छात्राओं की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें रेफर कर दिया गया। उनका इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है। 

रात का खाना खाने के बाद छात्राओं की हालत बिगड़ी। चिकित्सक इसे फूड प्वाइजङ्क्षनग बता रहे हैं। वहीं, विद्यालय प्रबंधन मामले को दबाने का प्रयास कर रहा है। प्रधानाचार्य छात्राओं को वायरल फीवर होने की बात कह रहे हैं। एक साल के भीतर खाना खाने के बाद बच्चों के बीमार होने का यह दूसरा मामला है। वहीं, भोजन की गुणवत्ता ठीक न होने को लेकर बच्चे पहले भूख हड़ताल तक कर चुके हैं। 

शिकारपुर स्थित राजीव गांधी नवोदय विद्यालय में रात अरहर की दाल बनी थी। रात का भोजन करने के बाद बच्चे सो गए, लेकिन देर रात अचानक ही एक के बाद एक 17 छात्राओं को उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत के साथ ही बुखार हो गया। एक साथ इतनी अधिक छात्राओं की हालत बिगडऩे पर आनन-फानन सभी छात्राओं को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लंढौरा लाया गया।

 

विद्यालय प्रबंधन ने छात्राओं के अभिभावकों को भी इस बात की सूचना दी। छह छात्राओं की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें रेफर कर दिया गया। उनके अभिभावक उन्हें रुड़की के किसी अस्पताल में ले गए। बीमार होने वाली छात्राओं में आइशा, वंशिका, रिया, श्वेता, खुशी, गरिमा, पलक, करिश्मा, नेवशी, आंचल, अनुकूल, गरिमा, बबीता, अंशु, हिमानी, रीना शामिल हैं। 

विद्यालय में 240 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। अभिभावक का आरोप है कि बच्चों को बेहद घटिया क्वालिटी का भोजन दिया जा रहा है। बच्चे इस बात की लगातार शिकायत करते आ रहे हैं। भोजन बनाते समय साफ-सफाई का बिल्कुल भी ध्यान नहीं रखा जाता है। पिछले साल भी इसी तरह से कई बच्चों को एक साथ फूड प्वाइजनिंग हो गया था। 

बच्चों ने खराब भोजन दिए जाने के खिलाफ आवाज उठाई थी। यही नहीं बच्चे भूख हड़ताल पर बैठे रहे। उस समय अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट किया जाएगा, लेकिन पिछले चार सालों से यही ठेकेदार कार्य संभाल रहा है।

मौसम में आए बदलाव से बिगड़ी हालत 

राजीव गांधी नवोदय विद्यालय, शिकारपुर के प्रधानाचार्य अनूप सिंह पुंडीर ने दावा किया कि बच्चों को फूड प्वाइजनिंग नहीं हुआ है। मौसम में आ रहे बदलाव के कारण बच्चों को वायरल फीवर की शिकायत थी। इसी के चलते उन्हें अस्पताल ले जाया गया था। सभी बच्चों की हालत अब ठीक है। 

दिए जांच के निर्देश 

हरिद्वार के मुख्य शिक्षा अधिकारी डॉ. रुपेंद्र दत्त शर्मा के मुताबिक, मामला संज्ञान में आया है, जांच के निर्देश दे दिए गए हैं। जिला शिक्षा अधिकारी हरिद्वार इस मामले की जांच करेंगे। पिछले साल भी फूड प्वाइजङ्क्षनग की शिकायत मिली थी। पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। यदि खाने की गुणवत्ता में किसी प्रकार की कोई कमी है तो ठेकेदार को बदला जाएगा।

चिकित्सक ने बताया फूड प्वाइजनिंग 

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लंढौरा के प्रभारी डॉ. जितेंद्र मिश्रा के अनुसार, अस्पताल में लाए गए बच्चों को उल्टी, दस्त, पेट दर्द और बुखार की शिकायत थी। बच्चों को फूड प्वाइजङ्क्षनग हुआ था। प्राथमिक उपचार देने के बाद कुछ बच्चों को डिस्चार्ज कर दिया गया था। पांच-छह बच्चों की हालत ठीक नहीं थी। उन्हें रेफर कर दिया गया है।

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