अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने मंगलवार को व्हाइट हाउस में बड़ा बयान देते हुए कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच अभी बातचीत चल रही है। उन्होंने दावा किया कि दोनों तरफ से डील करने की इच्छा है और जल्द ही युद्ध का हल निकल सकता है।
यह बयान ऐसे समय आया जब ईरान के साथ युद्ध अपने चौथे हफ्ते में चल रहा है। ट्रंप ने कहा कि ईरान पर हमले और ज्यादा तेज करने के बजाय बातचीत को मौका देने के लिए उन्होंने ईरान के पावर प्लांट और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले पांच दिन के लिए टाल दिए हैं।
बातचीत में कौन-कौन शामिल हैं?
ट्रंप ने साफ बताया कि ईरान के साथ चल रही बातचीत में कई बड़े नाम शामिल हैं। इनमें उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विदेश मंत्री मार्को रूबियो, उनके दामाद जारेद कुश्नर, मिडिल ईस्ट के लिए स्पेशल एन्वॉय स्टीव विटकॉफ और खुद ट्रंप शामिल हैं। ट्रंप ने कहा, “जेडी वेंस शामिल हैं, मार्को शामिल हैं, जारेद कुश्नर, स्टीव विटकॉफ और मैं खुद शामिल हूं।”
उन्होंने बताया कि वीकेंड पर कुश्नर और विटकॉफ ने ईरानी अधिकारियों से बात की थी जो ‘बहुत अच्छी और प्रोडक्टिव’ रही।
ट्रंप का दावा है कि दोनों पक्षों के बीच कई बड़े मुद्दों पर सहमति बन रही है। उन्होंने कहा कि ईरान को अपना सारा एनरिच्ड यूरेनियम स्टॉक छोड़ना होगा और अगर बातचीत सफल हुई तो हॉर्मुज स्ट्रेट जल्द ही फिर से खुल सकता है।
‘ईरान के पास न्यूक्लियर हथियार होता तो वह इस्तेमाल कर चुका होता’
ट्रंप ने पुरानी बात दोहराते हुए कहा कि अगर उन्होंने अपने पहले कार्यकाल में ओबामा के ईरान न्यूक्लियर डील को खत्म नहीं किया होता तो ईरान को 3-4 साल पहले ही न्यूक्लियर हथियार मिल चुका होता। उन्होंने कहा, “अगर ईरान के पास न्यूक्लियर हथियार होता तो वह इस्तेमाल कर चुका होता।”
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिका और इजराइल की कार्रवाई से ईरान का न्यूक्लियर पोटेंशियल पूरी तरह तबाह हो चुका है। उन्होंने कहा, “हमने उनका न्यूक्लियर पोटेंशियल ऑब्लिटरेट कर दिया है।”
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