पश्चिम एशिया में छिड़ी जंग ने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को हिला दिया है, लेकिन भारत सरकार ने तुरंत कदम उठाते हुए ईंधन और गैस की सप्लाई को सुरक्षित रखने के लिए सात सशक्त समूह बना दिए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार यानी 24 मार्च 2026 को राज्यसभा में यह ऐलान करते हुए कहा कि देश की अर्थव्यवस्था के बुनियादी ढांचे मजबूत हैं और सरकार हर स्थिति पर नजर रखे हुए है।
इस संघर्ष की वजह ग्लोबल एनर्जी मार्केट प्रभावित हो रहा है। प्रधानमंत्री ने सदन को बताया कि पश्चिम एशिया में हो रही घटनाओं से दुनिया को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है और रिकवरी में लंबा समय लगेगा।
सरकार की क्या हैं तैयारियां?
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत पर इस संकट का न्यूनतम असर पड़े, इसके लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि एक अंतर-मंत्रालयीय समूह पहले से ही नियमित रूप से बैठकें कर रहा है। यह समूह आयात-निर्यात से जुड़ी हर चुनौती का जायजा लेता है और जरूरी समाधान ढूंढता है।
गौरतलब है कि कल ही सात सशक्त समूह बनाए गए हैं। ये समूह कोविड काल के समूहों की तर्ज पर काम करेंगे। इनमें विशेषज्ञ और अधिकारी शामिल हैं। ये समूह सप्लाई चेन, पेट्रोल-डीजल, गैस, उर्वरक, महंगाई और अन्य जरूरी चीजों पर त्वरित और दूरगामी रणनीति बनाकर काम करेंगे।
प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकार शॉर्ट टर्म, मीडियम टर्म और लॉन्ग टर्म के प्रभाव को ध्यान में रखकर रणनीतिक रूप से काम कर रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र और राज्यों के संयुक्त प्रयास से इस स्थिति का बेहतर तरीके से सामना किया जा सकेगा।
भारतीय नागरिकों की वापसी और ऊर्जा सप्लाई पर क्या है अपडेट?
विदेश मंत्रालय ने आज बताया कि क्षेत्र में हवाई क्षेत्र बंद होने और उड़ानों पर पाबंदी के बावजूद भारतीय नागरिकों को वापस लाने के लिए व्यापक प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार हर संभव मदद कर रही है ताकि कोई भी भारतीय फंस न जाए।
इस बीच अच्छी खबर यह है कि दो भारतीय एलपीजी कैरियर जहाज जग वसंत और पाइन गैस स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित गुजर चुके हैं। ये जहाज अब भारत की ओर बढ़ रहे हैं और जल्द ही बंदरगाहों पर पहुंचेंगे। यह ऊर्जा परिवहन में महत्वपूर्ण कदम है, जो देश की गैस सप्लाई को बनाए रखने में मदद करेगा।
पीएम मोदी और क्या बोले?
प्रधानमंत्री मोदी ने सदन में साफ कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था की नींव मजबूत है। सरकार स्थिति की लगातार समीक्षा कर रही है और जरूरत पड़ने पर हर कदम उठाएगी। उन्होंने राज्यों से भी सहयोग की अपील की ताकि टीम इंडिया के रूप में इस चुनौती का मुकाबला किया जा सके।
सरकार का फोकस सिर्फ ईंधन और गैस तक सीमित नहीं है। उर्वरकों की उपलब्धता, महंगाई नियंत्रण और समग्र सप्लाई चेन को भी प्राथमिकता दी जा रही है। इससे किसानों से लेकर आम लोगों तक कोई असुविधा न हो, यह सुनिश्चित किया जाएगा।
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