यूं तो हम 21वीं सदी में जी रहे हैं लेकिन यह हकीकत है कि आज भी इस धरती पर बहुत से ऐसे लोग मिल जाएंगे जो अंधविश्वास को मानते हैं। बात सिर्फ इतनी सी नहीं है कि वे ऐसी चीजों में विश्वास रखते हैं जिसे विज्ञान अस्वीकारता हो बल्कि बात यहां तक आ पहुंची है कि लोग इस चलते बलि तक देते हैं। बलि न सिर्फ जीव- जानवरों की बल्कि इंसानों की भी। यह गुनाह पहले जहां ढोंगी या तांत्रिक किया करते थे, वहीं अब लोग खुद ही इसे अपने हाथों से करने लगे हैं। 

जी हां, अंधविश्वास सबसे घातक साबित हो रहा है। इसके चलते लोग कई बार अपनी ही औलाद तक को मौत के घाट उतार देते हैं। आज हम आपको एक ऐसे ही रोंगटे खड़े कर देने वाले मामले के बारे में बताएंगे। यह घटना उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद की है। जब यह दिल दहलाने वाली घटना लोगों को पता चली तो किसी को यकीन नहीं हुआ।
यहां घूरपुर बोंगी गांव में एक महिला ने अपने 18 महीने के बेटे की गला घोंट कर हत्या कर दी और फिर खुद भी दूसरे कमरे में जाकर फांसी लगाकर जान दे दी। घटना का कारण उपरी शक्ति से परेशान होना बताया जा रहा है। घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है।
घूरपुर बोंगी गांव में दुबना मजरा निवासी जय कुमार पटेल की शादी 5 साल पहले कांटी गांव की कंचन से हुई थी। 18 महीने पहले बेटे सत्यम का भी जन्म हुआ। जयकुमार के अनुसार सोमवार को वह ईंट-भठ्ठे पर मजदूरी कर भोजन करने के लिए घर आया तो अंदर से दरवाजा बंद था। काफी आवाज देने पर भी दरवाजा नहीं खुला तो अनहोनी की आशंका पर दरवाजा तोड़ा गया। कमरे के अंदर कंचन का शव फांसी के फंदे पर झूल रहा था और दूसरे कमरे की चारपाई पर सत्यम का शव पड़ा था।
पुलिस के अनुसार जयकुमार ने बताया कि कंचन के ऊपर किसी शक्ति का साया था। वह बहुत विचित्र बर्ताव करने लगी थी। दो दिन पहले ही ओझा आया था झाड़-फूंक करके गया था। जय कुमार ने बताया कि कंचन हमेशा डरावनी बाते करती रहती थी और अब उसने अपनी व बच्चे की जान ले ली। मामले में कंचन के पिता ने पुलिस को तहरीर दी है, लेकिन किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है।