इन बड़े कारणों की वजह से जल्‍दी नहीं भुलाया जा सकेगा अगस्‍त 2017, मौत के गले लगीं हजारों जिंदगियां...

इन बड़े कारणों की वजह से जल्‍दी नहीं भुलाया जा सकेगा अगस्‍त 2017, मौत के गले लगीं हजारों जिंदगियां…

New Delhi: हर साल की तरह इस साल भी अगस्‍त का महीना आया और लोग स्‍वतंत्रता दिवस व कृष्‍ण जन्माष्‍टमी जैसे पर्वों के आयोजन के लिए उत्‍साहित नजर आए। मगर साल 2017 का अगस्‍त इन त्‍योहारों के साथ जितनी खुशियां लेकर आया, उससे कहीं ज्‍यादा देश को गम दिया।इन बड़े कारणों की वजह से जल्‍दी नहीं भुलाया जा सकेगा अगस्‍त 2017, मौत के गले लगीं हजारों जिंदगियां...यूपी में बंपर नौकरी: 17 विभागों में 1.68 लाख से ज्यादा पद खाली, जल्द करें आवेदन

2017 का अगस्‍त शायद दूसरे वर्षों के अगस्‍त महीने से कहीं ज्‍यादा याद रखा जाएगा। उन यादों में कौंध उठेगी गोरखपुर में काल के गाल में समा चुके मासूमों की तस्वीरें। ट्रेन के बेपटरी डिब्बों के नीचे दबी लाशें और बाढ़ में बहते लोगों के सपने। इन आफतों के बाद भी कुछ कमी रह गई थी, वो पूरी कर दी मुंबई की बारिश ने। आइये जानते हैं उन आपदाओं के बारे में जिनके दर्द की वजह से 2017 का अगस्‍त लंबे समय तक याद रखा जाएगा। 

 

 

बाढ़ में बही जिंदगियां

अगस्‍त में बिहार, पूर्वी यूपी, पश्चिम बंगाल और असम में बाढ़ ने कहर ढाया। अगस्‍त की शुरुआत बिहार के बाढ़ में बहती जिंदगियों से हुई। ऐसा नहीं है कि इस साल पहली बार बाढ़ आई थी। बिहार में ऐसी बाढ़ आती रहती है और उस बाढ़ में जानें जाती रहती हैं, लेकिन कुछ महीनों के बाद इसे भुला दिया जाता है। 30 अगस्त तक बिहार में बाढ़ से करीब 500 लोगों की मौत होने का अनुमान है। इस बाढ़ की चपेट में बिहार के 19 जिलों की 1.5 करोड़ से ज्यादा की आबादी आई। वहीं, उत्‍तर प्रदेश के पूर्वी हिस्से में 27 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हुए, जिनमें अब तक लगभग 100 लोगों की जान जाने का अनुमान है। उधर, पश्चिम बंगाल में 11 जिले बाढ़ की चपेट में आए, जिससे करीब 150 लोगों की मौत हो गई।

 

ट्रेन हादसों से सहमे लोग

अगस्‍त में पहले उत्कल एक्सप्रेस, फिर कैफियात एक्सप्रेस, इसके बाद मुंबई-नागपुर दूरंतों और मुंबई की लोकल ट्रेन के हादसे। देश में शायद ही पहले ऐसा कभी हुआ हो कि एक महीने में चार ट्रेनें पटरी से उतरी हों। इन हादसों में अब तक 23 लोगों की मौत हो गई है और सैकड़ों लोग जख्मी हुए।

 

बीआरडी मेडिकल कॉलेज में मासूमों की मौत

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर का बाबा राघवदास मेडिकल कॉलेज (BRD) भी इस महीने की सुर्खियों में रहा। 7 अगस्त से 11 अगस्त के बीच इस अस्पताल में 60 बच्चों की मौत हुई। बताया गया कि इनमें से कई मौतों का कारण ऑक्सीजन की कमी थी, तो कई मौतें इंसेफेलाइटिस की वजह से हुईं। कार्रवाई के नाम पर जांच जारी है। BRD मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल का इस्तीफा ले लिया गया। बच्चों की मौत का सिलसिला यहीं नहीं रुका। 29 अगस्त को खबर आई कि 48 घंटे में अस्पताल में 42 और बच्चों ने दम तोड़ दिया। इसी हादसे पर यूपी के स्वास्थ्य मंत्री का बयान आया था कि अगस्त में मौतें होती हैं।

 

हिमाचल प्रदेश में धंसी जमीन

अगस्‍त में हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में जमीन धंसने का हादसा हुआ। इसमें सड़क का 150 मीटर से ज्यादा हिस्सा धंस गया। कई घर, दो बसें और कुछ दूसरे वाहन मलबे में दफन हो गए। हादसे में 46 लोगों की मौत की खबर सामने आई।

 

मुंबई में आफत की बारिश

प्राकृतिक आपदा का ताजा शिकार है मुंबई। यहां 28 अगस्त की रात से हुई बारिश लोगों के लिए आफत बनकर आई। लोग घंटों रास्‍ते में फंसे रहे। कभी न सोने वाली मुंबई बिल्‍कुल ठहर गई। इसी बारिश के बीच 31 अगस्त को दक्षिण मुंबई के भिंडी बाजार की तीन मंजिला इमारत गिर गई, जिससे 12 लोगों की मौत हो गई।

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