इंदौर में अहिल्या समारोह में शामिल होंगी राष्ट्रपति, उज्जैन में भी बड़े आयोजन की तैयारी

देवी अहिल्य बाई का जन्म 31 मई को 1725 में महाराष्ट्र के ग्राम चौढ़ी में हुआ था। इंदौर में हर साल 31 मई को कार्यक्रम होते है, लेकिन इस बार 300 वीं जयंती होने के कारण बड़े पैमाने पर कार्यक्रम होंगे।

लोकमाता देवी अहिल्या के त्रिशाताब्दी वर्ष पर इंदौर में 29 से 31 मई को प्रदेशभर में आयोजन होंगे। मुख्य कार्यक्रम इंदौर के बास्केटबाॅल में होगा। जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को आमंत्रित किया गया है। इसके अलावा एक बड़ा आयोजन उज्जैन में करने पर भी शुक्रवार को आयोजित बैठक में चर्चा हुई है। इसकी रुपरेखा तैयार की जा रही है। इंदौर में एक बड़ी शोभायात्रा भी निकाली जा सकती है।

देवी अहिल्य बाई का जन्म 31 मई को 1725 में महाराष्ट्र के ग्राम चौढ़ी में हुआ था। इंदौर में हर साल 31 मई को कार्यक्रम होते है, लेकिन इस बार 300 वीं जयंती होने के कारण बड़े पैमाने पर कार्यक्रम होंगे। इसकी तैयारियों को लेकर भोपाल में मुख्यमंत्री ने बैठक ली थी। जिसमें उत्सव समिति से जुड़े पदाधिकारी भी शामिल हुए थे। बैठक में अशोक डागा, माला ठाकुर सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि माहेश्वरी साड़ी सिर्फ मध्य प्रदेश तक सीमित नहीं रहे। देवी अहिल्या ने महाराष्ट्र, उड़ीसा, कर्नाटक, बिहार, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड सहित अन्य राज्यों में लोककल्याण के काम किए है। उन स्थानों पर भी माहेश्वरी साड़ी के बिक्री केंद्र प्रदेश सरकार खोलेगी। बैठक में यह भी बताया गया कि जयंती के उपलक्ष्य में महिला स्टार्टअप पाॅलिसी भी बनाई जा रही है।

नर्मदा परिक्रमा पथ पर अहिल्या प्रतिमा की स्थापना
नर्मदा परिक्रमा पथ पर भी देवी अहिल्या ने कई घाट और मंदिरों निर्माण किया है। सरकार विचार कर रही है कि परिक्रमा पथ के कुछ स्थानों पर देवी अहिल्या की प्रतिमा लगाई जाए। इसके अलावा महेश्वर घाट पर लाइट एंड साउंड शो भी संस्कृति व पर्यटन विभाग शुरू करने जा रहा है। जल्दी ही इसकी शुरुआत होगी।

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