शेयर बाजार (Share Market Fall) ने आखिरी कुछ घंटों में सारी बढ़त गंवा दी है और मार्केट गिरावट के साथ बंद हुए। बेंचमार्क इंडेक्स Nifty 27 अंकों की कमजोरी के साथ 23215 पर बंद हुआ। हालांकि, Sensex 87 प्वाइंट्स की तेजी के साथ 74005 पर क्लोज हुआ। इससे पहले दिन के दौरान निफ्टी ने 24400 का स्तर छू लिया था। लेकिन, मुनाफावसूली के चलते दोनों ही इंडेक्स ऊपरी स्तरों से फिसल गए। इस गिरावट के साथ ही एक बार फिर से निफ्टी 23200 के अपने अहम स्तर के पास बंद हुआ है।
खास बात है कि आज एफएमसीजी शेयरों में अच्छी खरीदारी देखी गई। एचयूएल, नेस्ले, डाबर समेत कई शेयर हरे निशान में बंद हुए। वहीं, 10 जून के कारोबारी सत्र में मेटल इंडेक्स 1.1% गिरा, जिसमें शामिल 15 में से 14 कंपनियों के शेयर लाल निशान पर बंद हुए। आइये जानते हैं आखिर बाजार में क्यों आई फिर से बिकवाली?
बाजार की गिरावट के बड़े कारण
जियो पॉलिटिकल तनाव: भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सबसे बड़ा कारण ग्लोबल मार्केट में जारी अनिश्चितता है। इसके चलते आज भी एशियाई बाजारों में गिरावट देखी गई; दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई 225, चीन का शंघाई SSE कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। मंगलवार को अमेरिकी बाजार भी ज्यादातर गिरावट के साथ बंद हुए। वॉल स्ट्रीट फ्यूचर्स में भी गिरावट देखी गई, जिससे संकेत मिलता है कि अमेरिकी शेयरों की शुरुआत कमजोर हो सकती है।
FIIs की लगातार बिकवाली: भारतीय बाजारों में विदेशी निवेशकों की बिकवाली लगातार चिंता का कारण बनी हुई है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने मंगलवार को 4,566.03 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
मुनाफा वसूली: बाजार में गिरावट की वजह मुनाफावसूली भी रही है। क्योंकि, कारोबार के दौरान निफ्टी और सेंसेक्स अपने अहम लेवल पर पहुंच गए और वहीं से प्रॉफ़िट बुकिंग हावी हो गई।
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