अमेरिका में एक भारतीय नागरिक को बेसबॉल बैट से हमला करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, आरोपी गैर-कानूनी तरीके से अमेरिका में दाखिल हुआ था। इस घटना के बाद अमेरिकी प्रशासन ने एक बार फिर सैंक्चुअरी पॉलिटिक्स पर सवाल उठाए हैं और स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर नाराजगी जताई है।
आरोपी की पहचान धवल अमृतभाई पटेल के रूप में हुई है। उसे सबसे पहले 16 मई को मैसाचुसेट्स के वॉर्सेस्टर पुलिस विभाग ने गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उस पर खतरनाक हथियार से हमला करने और मारपीट करने का आरोप लगाया था। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, धवल पटेल जिस शराब की दुकान पर काम करता था।
शराब की दुकान में काम करता था आरोपी
वहां उसका एक ग्राहक के साथ विवाद हो गया। बताया जा रहा है कि बहस इतनी बढ़ गई कि आरोपी ने बेसबॉल बैट उठा लिया और ग्राहक पर हमला कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।
हालांकि, यूनाइटेड स्टेट्स डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) ने बुधवार को जारी बयान में दावा किया कि मैसाचुसेट्स के सैंक्चुअरी राजनेताओं ने अमेरिकी इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) एजेंसियों के साथ सहयोग नहीं किया।
DHS के मुताबिक स्थानीय प्रशासन ने आरोपी को ICE को बिना कोई सूचना दिए जेल से रिहा कर दिया। वहीं, बाद में ICE अधिकारियों ने 18 मई को धवल पटेल को दोबारा गिरफ्तार कर लिया। DHS के बयान में कहा गया कि पटेल किसी अज्ञात तारीख और समय पर अवैध तरीके से अमेरिका में दाखिल हुआ था।
DHS की कार्यवाहक सहायक सचिव ने दिया बयान
DHS की कार्यवाहक सहायक सचिव लॉरेन बिस ने इस मामले पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “भारत से आए इस गैर-कानूनी व्यक्ति को लगा कि वह बेसबॉल बैट से लोगों को पीटता हुआ घूम सकता है।”
उन्होंने आगे कहा, “सैंक्चुअरी राजनेताओं को अपराधियों को समुदायों में खुला छोड़ना बंद करना चाहिए और अपराधियों को देश से बाहर निकालने के लिए DHS के साथ मिलकर काम करना चाहिए। ICE एजेंसियों के साथ सहयोग से इनकार करके ये राजनेता अपने ही नागरिकों की सुरक्षा को खतरे में डाल रहे हैं।”
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