अमेरिका के रक्षा मंत्रालय पेंटागन और ऊर्जा विभाग ने मिलकर छोटे आकार के एक परमाणु रिएक्टर को कैलिफोर्निया से उटाह पहुंचाया है। इस तरह से अमेरिका ने साबित किया कि वह कुछ ही समय में परमाणु ऊर्जा का सैन्य और नागरिक सुविधाओं के लिए इस्तेमाल करने में सक्षम है।
परमाणु रिएक्टर को इस तरह से एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहली बार ले जाया गया है। अमेरिका ने रिएक्टर का यह स्थानांतरण पिछले सप्ताह किया। इस प्रक्रिया में पांच मेगावाट के माइक्रो रिएक्टर को ईंधन निकालकर करीब 700 मील दूर पहुंचाया गया। इससे जरूरत पड़ने पर परमाणु ऊर्जा के आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस, डाटा सेंटर और सैन्य इस्तेमाल में बड़ी मदद मिलेगी।
कैसे तय हुआ सफर?
निजी कंपनी के रिएक्टर को स्थानांतरित करने के इस अभियान में ऊर्जा सचिव क्रिस राइट और पेंटागन के उप सचिव माइकल डूफी ने संयंत्र के साथ 15 फरवरी को यात्रा की। यह सफर सी-17 सैन्य विमान के जरिये हुआ।
अमेरिका में परमाणु ऊर्जा के इस्तेमाल पर जोर
अमेरिका में कार्बन मुक्त बिजली के लिए परमाणु ऊर्जा के इस्तेमाल पर जोर दिया जा रहा है। राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने 2025 ने परमाणु ऊर्जा के अधिक इस्तेमाल पर जोर देते हुए नए रिएक्टर बनाए जाने का आदेश दिया था। लेकिन कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि छोटे रिएक्टर सुरक्षित नहीं होते हैं और उन्हें स्थानांतरित करना भी सुरक्षित प्रक्रिया नहीं है।
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